Balance Sheet in Hindi

Balance Sheet in Hindi बैलेंस शीट क्या होती है? यदि आप शेयर बाजार Share Market में निवेश करने जा रहे हैं तो इसे समझना बहुत आवश्यक है. ना सिर्फ यह जानना आवश्यक है कि बैलेंस शीट क्या होती है, अपितु यह भी जान लेना चाहिए कि इसे कैसे पढ़ा जाता है और किसी भी कंपनी  की बैलेंस शीट देख कर उस कंपनी की सेहत का कैसे पता लगाया जाए.

शेयर बाजार Share Market में निवेश करने वालों के लिए यह आवश्यक है कि उन्हें Balance Sheet बैलेंस शीट के बारे में पता हो और यह भी ज्ञान हो कि उसे पढ़ते कैसे हैं. यदि आप भी शेयर बाजार Share Market में निवेश करना चाहते हैं तो Stock Exchange में लिस्टेड किन्हीं पांच कंपनियों की Balance Sheet बैलेंस शीट प्राप्त कीजिये और उन्हें स्टडी कीजिये. जब तक आप को यह आत्म विश्वास ना हो जाए कि आप को Balance Sheet बैलेंस शीट की अच्छी तरह से समझा आ गयी है तब तक आप शेयर बाजार Share Market में निवेश करने से बचें.

Balance Sheet in Hindi
Balance Sheet in Hindi बैलेंस शीट क्या होती है

यहाँ हम आपको हिंदी में बताएँगे कि बैलेंस शीट क्या होती है? बैलेंस शीटको हिंदी में तुलन पत्र या चिट्ठा भी कहते हैं. मगर हम यहाँ बैलेंस शीट शब्द का ही प्रयोग करेंगे क्योकि यही प्रचलित है. आज के पाठ में बहुत से तकनीकी शब्द आयेंगे मगर मैं कोशिश करूंगा की इसे आसान हिंदी में समझाया जा सके.


Balance Sheet in Hindi बैलेंस शीट क्या होती है?

एक दिए गए समय पर एक व्यापार या संगठन की संपत्ति, देनदारियों, और पूँजी (Share Capital) के  विवरण को बैलेंस शीट कहते हैं। आम तौर पर इसे कंपनी या संगठन के वित्तीय वर्ष के अंत में जारी किया जाता है. बैलेंस शीट को Profit and Loss Account यानी लाभ हानि खाते के बाद तैयार किया जाता है. बैलेंस शीट में मुख्य रूप से निम्न घटक होते हैं :

Current Assets चालू परिसंपत्तियां

मुख्य रूप से नगदी, बैंक  बैलंस, एडवांस, कच्चा माल जैसे मद इसमें आते हैं.

Investments निवेश

कंपनी द्वारा किये गए किसी भी तरह के निवेश.

Property, Plant and Equipment प्रॉपर्टी, प्लांट तथा इक्विपमेंट

इन्हें Fixed Assets फिक्स्ड एसेट्स भी कहते हैं. भूमि, भवन, मशीनें, ऑफिस इक्विपमेंट, गाड़ियां फर्नीचर आदि इस मद में गिने जाते हैं. इन्हें Tangible Assets भी कहते हैं. इसका हिंदी अर्थ होगा मूर्त संपत्ति यानी ऐसी संपत्ति जिसे देख छु सकते हैं.


Intangible Assets अमूर्त संपत्तियां

ऐसी संपत्ति जिसे देख छू नहीं सकते. कंपनी की गुडविल या साख कंपनी की Intangible Assets अमूर्त संपत्तियां है. इसके अलावा Copyrights कॉपीराइट, Patents पेटेंट,  Trademarks ट्रेडमार्क्स, Brand names ब्रांड, Domain names डोमेन का नाम भी  Intangible Assets अमूर्त संपत्तियों के उदाहरण हैं. यहाँ आपको बता दें कि अक्सर कम्पनियां बैलेंस शीट में Intangible Assets अमूर्त संपत्तियां अपनी सही कीमत पर नहीं दिखा पातीं. आप ही बताइए गूगल, फेसबुक और फ्लिप्कार्ट के जमाने में आप इन Intangible Assets अमूर्त संपत्तियों की सही वैल्यू कैसे लगा सकते हैं?

Current Liabilities चालू देनदारियां

अधिकतर इस मद में वह खर्चे और देनदारियां होती हैं जो बैलेंस शीट बनाने की तारीख को देय हो चुके हैं. जैसे वेतन, मजदूरियाँ, देय इनकम टैक्स, देय ब्याज आदि.

Long Term Liabilities लम्बी अवधि की देनदारियां

लम्बी अवधि के ॠण, Bond  बॉंड आदि इस मद में होंगे.

यहाँ आपको बता दें कि बैलेंस शीट में हमेशा संपत्तियों और देनदारियों (शेयर पूँजी मिला कर) का टोटल बराबर ही होगा.

यहाँ पढ़ें कैसे समझें तिमाही नतीजे.

मैंने यहाँ कोशिश की है की आसान हिंदी में Balance Sheet in Hindi बैलेंस शीट क्या होती है, समझाया जा सके. इसे कैसे पढ़ा जाता है और किसी भी कंपनी  की बैलेंस शीट देख कर उस कंपनी की सेहत का कैसे पता लगाया जाए यह अगले किसी लेख में दिया जाएगा. आपको यह लेख कैसा लगा टिपण्णी करके जरूर बताएं.