EPS in Hindi

EPS in Hindi – EPS क्या है और कैसे गिनें प्रति शेयर आय जानना बहुत जरूरी है किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले. Earning Per Share (EPS) यानि प्रति शेयर आय कैसे गिनी जाती है और इससे कंपनी की आर्थिक सेहत को कैसे जाना जाता है, आज इसके बारे में विचार करते हैं। कंपनी की सेहत कैसी है यह जानने के लिए ईपीएस एक महत्वपूर्ण टूल है और जब हमें ईपीएस पता हो तो हम PE रेश्यो आसानी से निकाल सकते हैं.

EPS in Hindi - EPS क्या है
EPS in Hindi – EPS क्या है

EPS in Hindi – EPS क्या है

कंपनी की कुल शुद्ध लाभ से हर शेयर के हिस्से में कितनी रकम आयेगी उसे ही Earning per Share प्रति शेयर आय यानि EPS कहते हैं।  इसे गिनेंगे

 

शुद्ध लाभ / कुल शेयरों की संख्या

यदि 10 करोड़ रु की पूंजी वाली कंपनी जिसके 10 रु की कीमत वाले 1 करोड़ शेयर हों और वह कंपनी 20 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाती है तो उसकी प्रति शेयर आय 20 रुपये होगी:

20 करोड़ / 1 करोड़ = 20

यदि कोई कंपनी केवल तिमाही नतीजे  ही घोषित करती है तो उन नतीजों के आधार पर कंपनी के पूरे साल के प्रति शेयर आय की भी गणना की जा सकती है।


उपरोक्त उदाहरण में यदि कंपनी आने वाली तिमाही के लिये 6 करोड़ रु का शुद्ध लाभ घोषित करती है तो हम अंदाज लगा सकते हैं कि कंपनी की प्रति शेयर आय आने वाले साल में बढ़ कर 24 रु हो जायेगी। इसी प्रकार अर्धवार्षिक परिणामों को देख कर भी वार्षिक प्रति शेयर आय की भी गणना की जा सकती है।

इस बात का ध्यान रहे कि यदि कंपनी तेजी से विकास कर रही है या कंपनी का सीजनल काम है जो कि पूरे वर्ष एक सा नहीं रहता तो तिमाही नतीजों से वार्षिक प्रति शेयर आय की भविष्यवाणी गलत भी साबित हो सकती है।

एक बात और भी घ्यान देने लायक है कि यदि कंपनी ने वर्तमान तिमाही में कोई ऐसी बड़ी डील की है जिसके दोहराव की संभावना नहीं है तो उस डील से हुए लाभ या हानि समायोजित करके ही वार्षिक आय की गणना की जानी चाहिये।

ज्यादातर शेयरों की कीमतें चालू अथवा आने वाले साल के प्रति शेयर आय की संभावनाओं पर निर्भर करतीं हैं।

कोई भी शेयर बाजार में सस्ता है या मंहगा अथवा किसी शेयर की कीमतों में कितनी बढ़ौतरी की संभावनायें हैं इसे जानने का बहुत बड़ा मानक है कि उस शेयर की प्रति शेयर आय EPS क्या है और प्रति शेयर कीमत अनुपात यानि PE Ratio क्या है. इसके बारे में अगली बार।

उम्मीद है कि Share Markets in Hindi की यह श्रृंखला आपको पसंद आ रही होगी। आप हमें टिप्पणी कर के बतायें कि Share Markets in Hindi में आगे आप और क्या पढ़ना और जानना चहते हैं।