Fixed Deposit in Hindi

Fixed Deposit in Hindi फिक्स्ड डिपॉजिट निवेश का आसान और सुरक्षित तरीका. फिक्स्ड डिपॉजिट क्या है इसके बारे में विस्तार से बताएँगे. क्या होते हैं फिक्स्ड डिपॉजिट के फायदे और नुकसान. फिक्स्ड डिपॉजिट पर कैसे लगता है इनकम टैक्स और कैसे गिनते हैं  FD पर ब्याज या इंटरेस्ट. किसे करवाना चाहिए एफडी और यदि आप सोच रहे हैं कि म्यूच्यूअल फण्ड लें, SIP करवाएं या फिक्स्ड डिपॉजिट करवाएं तो आपको समझाने की कोशिश करेंगे कि किन परिस्थितियों में कहाँ निवेश करना ठीक रहेगा.

Fixed Deposit in Hindi फिक्स्ड डिपॉजिट
Fixed Deposit in Hindi फिक्स्ड डिपॉजिट निवेश का आसान और सुरक्षित तरीका

Fixed Deposit in Hindi

फिक्स्ड डिपॉजिट या एफडी FD को टर्म डिपॉजिट या टाइम डिपॉजिट भी कहते हैं. हिंदी में इसे सावधि जमा या मियादी जमा भी कहते हैं. फिक्स्ड का अर्थ हुआ निश्चित, स्थिर या स्थायी और डिपॉजिट का अर्थ हुआ जमा. तो साधारण शब्दों में कहें तो निश्चित ब्याज दर पर एक निश्चित समय के लिए किये गए जमा को फिक्स्ड डिपॉजिट कहते हैं. फिक्स्ड डिपॉजिट आप बैंक, पोस्ट ऑफिस या किसी NBFC में करवा सकते हैं. कुछ कम्पनियां भी फिक्स्ड डिपॉजिट स्वीकार करतीं हैं. अधिकतर लोग बैंकों या पोस्ट ऑफिस में ही फिक्स्ड डिपॉजिट करवाना पसंद करते हैं.

आमतौर पर एफडी पर बचत खाते से ज्यादा ब्याज मिलता है. एफडी करवाने से पहले पता कर लें कि ब्याज फिक्स्ड डिपॉजिट खाते में कैसे जोड़ा जाएगा. कुछ बैंक ब्याज सालाना आधार पर जोड़ते हैं और कुछ बैंक तिमाही आधार पर खाते में ब्याज जोड़ते हैं. जितनी ज्यादा अवधि का एफडी करवाया जाता है उसी प्रकार आम तौर पर ब्याज की दर भी बढ़ जाती है.

फिक्स्ड डिपॉजिट के फायदे

फिक्स्ड डिपॉजिट या एफडी देश में उपलब्ध सबसे लोकप्रिय बचत साधनों में से एक है। लोग लचीलेपन और तरलता के कारण एफडी में निवेश करना पसंद करते हैं. यह निवेश का आसान और सुरक्षित तरीका है. आपका निवेश सुरक्षित रहता है और मैच्योरिटी वैल्यू अर्थार्थ परिपक्वता राशि पहले से निर्धारित रहती है और गारंटीशुदा होती है. जब भी आवश्यकता हो आप इसे तुडवा कर पैसे निकलवा सकते हैं. आमतौर पर Fixed Deposit पर बचत खाते से ज्यादा ब्याज मिलता है. कुछ बैंक आपको Fixed Deposit के बदले आसान ब्याज दरों पर लोन या क्रेडिट कार्ड भी देते हैं.

यदि आप परिपक्वता से पहले एफडी को तुडवाते हैं तो इसे समय से पहले वापसी के रूप में जाना जाता है ऐसे मामलों में, वापसी के समय लागू दर पर ब्याज का भुगतान किया जाता है. उदाहरण के लिए एक एफडी यदि 5 साल के लिए 8% पर करवाया गया है, लेकिन 2 साल बाद इसे तुडवा लिया गया है. यदि 2 वर्ष के लिए जमा की तारीख पर लागू दर 5 प्रतिशत है तो ब्याज का भुगतान 5 प्रतिशत पर किया जाएगा. बैंक समय से पहले वापसी के लिए कुछ जुर्माना भी लगा सकते हैं.


फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दर

फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दर हर बैंक में अलग अलग हो सकती है मगर आम तौर पर इन में ज्यादा अंतर नहीं होता है. Fixed Deposit पर ब्याज दर साधारण बचत खाते से ज्यादा होती है. Fixed Deposit की समय अवधि के अनुसार यह दर 4% से 8% तक हो सकती है. कुछ बैंक बड़े जमा राशि पर कुछ अधिक ब्याज भी देते हैं.

ब्याज की दर महंगाई की दर से अधिक होती है तो निवेश में वास्तविक फायदा होता है. एफडी पर ब्याज दर यदि मुद्रास्फीति से कम है तो वास्तव में परिपक्वता के समय आपको जो राशी मिलती है उसकी खरीद क्षमता निवेश की गई राशी से कम हो सकती है.

फिक्स्ड डिपॉजिट पर इनकम टैक्स

कुछ बैंक टैक्स बचत फिक्स्ड डिपॉजिट भी पेश करते हैं। इन एफडी में निवेश की जाने वाली राशि को धारा 80 सी के तहत आयकर में छूट मिलती है. हालांकि, जो ब्याज आप कर-बचत एफडी से कमाते हैं वह कर योग्य होगा। टैक्स बचत एफडी पांच वर्ष की अवधि के लिए होते हैं. सभी प्रकार के Fixed Deposit पर मिलने वाला ब्याज आपकी कर योग्य आय में जुड़ जाता है. आपका बैंक आपकी सभी फिक्स्ड डिपॉजिट पर दिए जाने वाले ब्याज पर टीडीएस काट सकता है.

म्यूच्यूअल फण्ड लें या Fixed Deposit करवाएं

Fixed Deposit in Hindi में अब बताते हैं कि आप म्यूच्यूअल फण्ड लें या एफडी करवाएं. यदि आप लम्बी अवधि यानी पांच साल से अधिक निवेश कर रहे हैं और अपने निवेश पर रिस्क लेने को तैयार हैं तो आप म्यूच्यूअल फण्ड में SIP द्वारा निवेश कर सकते हैं. म्यूच्यूअल फण्ड आपको एफडी से ज्यादा रिटर्न दे सकते हैं मगर इनमें रिस्क भी रहता है. यदि आप पांच साल से कम अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं और रिस्क फ्री निवेश करना चाहते हैं तो आपको Fixed Deposit ही करवाना चाहिए.