जीवन बीमा का प्रीमियम

जीवन बीमा का प्रीमियम कैसे निर्धारित होता है इसे समझते हैं आसान हिंदी में। जानिये कि यदि आप जीवन बीमा लेने जायेंगे तो क्या आपको ज्यादा प्रीमियम लगेगा?  जीवन बीमा का प्रीमियम निर्धारित करने में बहुत से कारकों को ध्यान में रखा जाता है और फिर इन सब कारकों को मिला कर जो नतीजा निकलता है उसी के अनुसार किसी के जीवन बीमा के प्रीमियम का निर्धारण किया जाता है। यहाँ हमने सबसे सामान्य कारकों का विस्तृत विवरण दिया है जो आपकी जीवन बीमा का प्रीमियम निर्धारित करने में शामिल हैं।

जीवन बीमा का प्रीमियम
जीवन बीमा का प्रीमियम निर्धारित करने वाले कारक

आयु : लाइफ इंश्योरेंस कंपनी प्रीमियम का फैसला करने में सबसे पहले आयु ऐसा कारक है जो सबसे महत्वपूर्ण है। कम उम्र में एक व्यक्ति को बीमारियों का जोखिम कम होता है जिनसे जीवन को खतरा हो सकता है। इसलिए, यदि आप कम उम्र में लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीद रहे हैं तो प्रीमियम राशि कम होगी और अगर आप उम्रदराज उम्र में पॉलिसी खरीदते हैं तो आपको युवा व्यक्तियों की तुलना में अधिक प्रीमियम का भुगतान करना होगा।

महिला या पुरुष : विभिन्न अध्ययनों के अनुसार पुरुषों की तुलना महिलाओं का जीवनकाल अधिक होता है। इसलिए जीवन बीमा कंपनियां पुरुषों की तुलना में महिलाओं से कम प्रीमियम राशि का प्रभार लेतीं हैं।

स्वास्थ्य इतिहास : बीमा कम्पनियां बीमा आवेदक के स्वास्थ्य का कैसा इतिहास रहा है उसे देख कर प्रीमियम का निर्धारण करती हैं। अतीत में किसी भी पुरानी बीमारी या किसी अन्य घातक स्वास्थ्य समस्या नहीं रही है तो प्रीमियम का भुगतान कम होगा अन्यथा प्रीमियम का भुगतान ज्यादा करना होगा।

वर्तमान स्वास्थ्य : सामान्यतः आपको उच्च रक्तचाप या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच के लिए मेडिकल परीक्षा देनी पड़ सकती है जिससे भविष्य की संभावित समस्याओं का संकेत स्पष्ट हो सके। जो लोग वर्तमान में अच्छे स्वास्थ्य में हैं वे आम तौर पर निम्न दर पर जीवन बीमा का प्रीमियम देंगे।

वजन : वे लोग जो अधिक वजन वाले या मोटे हैं तो उन्हें अपने जीवन बीमा कवरेज के लिए अधिक भुगतान करना पड़ सकता हैं क्योंकि भविष्य की स्वास्थ्य समस्याओं के लिए मोटापा एक बड़ा कारण हो सकता है।


व्यवसाय : अगर कोई नौवहन, परिवहन, खनन, विमानों का संचालन आदि जैसे व्यवसाय में हैं, तो आकस्मिक मृत्यु का जोखिम अधिक होगा, जिसके परिणामस्वरूप बीमाकर्ता द्वारा लगाए गए प्रीमियम अन्य किसी ऐसे व्यक्ति की तुलना में बहुत अधिक होगा जो एक ऐसे पेशे में है जहां जीवन के लिए जोखिम कम है जैसे ऑफिस में बैठ कर की जाने वाली नौकरी।

जीवन बीमा का प्रीमियम कैसे निर्धारित होता हैशौंक और लाइफस्टाइल : स्काइडाइविंग, पैरा ग्लाइडिंग, रॉक क्लाइम्बिंग और स्कूबा डाइविंग जैसे उच्च जोखिम वाली मनोरंजक गतिविधियां यदि आपके शौंक हैं या आपके लाइफस्टाइल का हिस्सा हैं तो यह आपके जीवन बीमा दर को बढ़ा सकती हैं। हालांकि प्रत्येक बीमा कंपनी अलग है जहां एक जीवन बीमा कंपनी आपके शौंक को उच्च जोखिम वाला मान सकती है वहीँ हो सकता है कि कोई दूसरी बीमा कंपनी उसे उच्च जोखिम वाला काम ना माने।

धूम्रपान या शराब का सेवन : धूम्रपान या शराब का सेवन करने वाले जीवन बीमा के लिए अधिक भुगतान करते हैं क्योंकि उनकी यह आदत स्वास्थ्य जोखिमों को निमंत्रित करती है।

परिवार के स्वास्थ्य का इतिहास : हृदय रोग और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इतिहास वाले परिवार के लोग जीवन बीमा के लिए अधिक भुगतान कर सकते हैं।

इन सब के अलावा बीमा अवधी, बीमा की रकम, बीमा कैसे खरीदा गया, प्रीमियम तिमाही दिया जाएगा, छमाही या वार्षिक इन सब पर भी निर्भर करता है कि जीवन बीमा का प्रीमियम कैसे निर्धारित होता है।