Retirement Solutions in Hindi

Retirement Solutions in Hindi रिटायरमेंट के लिए कैसे जोड़ें पैसा और क्यों जरूरत है रिटायरमेंट के लिए पैसे जोड़ना. रिटायरमेंट के लिए कितना जोड़ें और जब आप रिटायर होंगे तो आपको कितने पैसे की जरूरत होगी इस सब को समझने की कोशिश करते हैं आसान हिंदी में.

इंन्फोसिस के चेयरमैन नारायनमूर्ती आज साठ साल की उम्र में रिटायर्ड हो रहे हैं। नारायनमूर्ती इस देश के हीरो हैं, बहुतों के आदर्श हैं मगर उनके जैसी सफलता हर कोई नहीं पा सकता। मगर फिर भी हर किसी का एक सपना होता है कि एक उम्र तक इतना कमा और बचा लिया जाये कि उसके बाद रिटायर्मेंट के सुनहरे दिनों की जिंदगी को जी भर के जिया जाये।

Retirement Solutions in Hindi
Retirement Solutions in Hindi रिटायरमेंट के लिए कैसे जोड़ें पैसा

पिछले सौ सालों में एक क्रान्ती हुई है, अनसुनी, अनदेखी, चुपचाप मगर हमारे बिल्कुल पास। शताब्दी की सबसे बड़ी उपलब्धी है दीर्घायू। दुनिया भर में लंबी आयू की वजह से बुजुर्गों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धी हुई है। केवल भारत में ही 2001 में 7.70 करोड़ बुजुर्ग थे जो कि बढ़ कर 2025 में 17.70 करोड़ हो जायेंगे। हमारी औसत आयू अगले दस वर्षों में 85 हो जायेगी और आबादी का दस प्रतिशत 60 से उपर की उम्र का होगा। एक और जहां उम्र बढ़ रही है वहीं खर्चे बढ़ रहे हैं। घटती ब्याज दरें और बढती मुद्रास्फीति आपकी जमा पूंजी पर दोधारी तलवार सा असर करती हैं। आप भी अगर कम उम्र में योजनाबद्ध तरीके से अपनी रिटायर्मैंट की योजना अपने कैरियर की शुरुआत में ही बना लेते हैं तो इस सब से बच सकते हैं। उदाहरण के लिये आजके एक करोड़ रुपये की वास्तविक कीमत 5% मुद्रास्फीती के चलते 15 सालों में केवल 48 लाख ही रह जायेगी। आज जिस चीज की लागत 100 रुपये है वो 15 सालों में लगभग 210 रुपये में मिलेगी।


Retirement Solutions in Hindi रिटायरमेंट के लिए कैसे जोड़ें पैसा? अगर आप युवा हैं तो यह मत समझिये कि अभी तो बहुत टाईम है, बचा लेंगे। आप जितनी जल्दी शुरुआत करेंगे उतना आपको कम बचाना पड़ेगा क्योंकि बाकी काम चक्रवृद्धी की शक्ती करेगी। जैसेकि एक पच्चिस वर्षिय युवा को केवल हर माह 5000/- रुपये ही बचाने होंगे जिससे उसे साठ की आयू में एक करोड़ की पूंजी मिल सके, मगर 35 वर्षिय व्यक्ति को इसके लिये हर माह 11000/- रुपये बचाने होंगे। विस्तार से यहाँ पढ़िए SIP में निवेश से एक करोड़ कैसे बनायें.

आमतौर पर आदमी जिंदगी भर की जिम्मेदारियां निभाने में इतना व्यस्त रहता है  कि ना तो रिटायरमेंट के बारे में सोच पाता है और ना ही रिटायरमेंट के लिए बचा पाता है. मगर रिटायरमेंट तो आएगी ही जब आपकी कमाई का कोई साधन नहीं होगा यह बहुत जरूरी है कि रिटायरमेंट के लिए पहले से ही प्लानिंग करके चला जाए जिससे बाद में कोई पछतावा ना हो.