Understanding Share Markets in Hindi आईये चलें रोलरकोस्टर की सैर को

Understanding Share Markets in Hindi क्या आप भी डरते हैं Share Markets शेयर बाजार की ऊंची नीची चाल से? जिस चीज से आपको डर लगे उस चीज के बारे में अधिक से अधिक जानकारी एकत्र करना शुरू कर दीजिये, आपका डर समाप्त होने लगेगा। आईये देखें अब तक की Share Markets  शेयर बाजार की चाल और उसे थोड़ा समझने की कोशिश करें। मुम्बई स्टाक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक जिसे संक्षेप में Sensex सेंसैक्स कहा जाता है, वहां के सर्वोच्च 30 शेयरों पर आधारित है।


Understanding Share Markets in Hindi

सेंसैक्स का आधार है 31 मार्च 1979. इस दिन यदि किसी व्यक्ति ने बिना किसी रिसर्च के केवल टाप के 30 शेयरों में एक लाख रुपये निवेश किये होते तो आज  यानी 12 जनवरी 2015 को उनकी कीमत लगभग 276 गुणा यानी दो करोड़ छयत्तर लाख रुपये होती।

शेयर बाजार में लंबी अवधी का निवेश सदैव लाभ देता है क्योंकि लम्बी अवधी की चाल पूर्णतः औद्योगिक विकास पर निर्भर करती है। छॊटी अवधी में बाजार भावनाओं पर आधरित होता है तथा उस समय के समाचारों और घटनाओं से प्रभावित हो सकता है।


यदि आप एक वर्ष के लिये निवेश करते हैं तो मार्च 2005 तक के आंकड़ॊं के अनुसार 26 के अनुपात में हानि की संभावना है 10. और यदि आप पांच वर्ष तक निवेशित रहते हैं तो 22 के अनुपात में हानि की संभावना है मात्र 3. इसी प्रकार यदि आप 15 या अधिक वर्षों तक निवेशित रहते हैं तो हानि की संभावना बचती ही नहीं।

छोटी अवधी में आप असाधारण लाभ अथवा असाधारण हानिप्राप्त कर सकते है यानि बाजार रोलर्कोस्टर सा चलता प्रतीत होता है।लम्बी अवधी में बाजार वस्तविक औद्योगिक विकास के बराबर जरूर पंहुंच जायेगा यानी बाजार रॉकेट की तरह केवल ऊपर की और ही जाता दिखता है। इसे आप यहां दिये आंकड़ों से भली प्रकार समझ सकते हैं।तो बाजार का पहला मंत्र है धैर्य।

उम्मीद है कि Share Markets in Hindi की यह श्रृंखला आपको पसंद आ रही होगी। आप हमें टिप्पणी कर के बतायें कि Share Markets in Hindi में आगे आप और क्या पढ़ना और जानना चहते हैं।