बीमा क्या है

बीमा क्या है, इसके प्रकार, महत्व आौर लाभ विस्तार से हिंदी में जानिये साथ ही जानिये इसके तकनीकी पहलू अौर इतिहास। जीवन अौर साधारण बीमा कौन कौन से होते हैं, सुरक्षा के लिये क्यों जरुरी है यह, क्या हैं इसके लाभ अौर कैसे मिलती है इंश्योरैंस के प्रीमियम पर करों से छूट। क्या है इंश्योरैंस की परिभाषा अौर इसके सिद्धांत। यह एकमात्र वित्तीय साधन है जो आपको अपने वित्तीय जोखिमों को आसानी से प्रबंधित करने और आपकी वित्तीय चिंताओं को कम करने में मदद करता है। इस लेख में इंश्योरैंस क्या है अौर इससे जुडे़ सभी पहलुअों को जानेंगे आसान भाषा में।

बीमा क्या है
बीमा क्या है

परिभाषा

बीमा पॉलिसी बॉंड द्वारा किया गया ऐसा अनुबंध है जिसमें एक व्यक्ति या इकाई को बीमा कंपनी से घाटे के खिलाफ वित्तीय सुरक्षा मिलती है। कंपनी सभी बीमाधारकों से प्रीमियम ले कर धन इक्कठा करती है जिसमें से ग्राहकों के जोखिम का भुगतान किया जाता है। इंश्योरैंस पॉलिसियों का उपयोग किसी ऐसे बड़े या छोटे वित्तीय घाटे के जोखिम के खिलाफ बचाव के लिए किया जाता है जो बीमित व्यक्ति या उसकी संपत्ति को नुकसान पहुंचा सकता है या ऐसा घाटा जो किसी तीसरे पक्ष के कारण होने वाली क्षति या चोट से हो सकता है।

इतिहास

व्यापारिक इतिहास दो हिस्सों में बंटा है, पहला जब वस्तुअों के आदान प्रदान से व्यापार होता था अौर दूसरा मुद्रा के प्रचलन के बाद जबकि व्यापार का आधार मुद्राअों से लेन देन से होने लगा। जब मुद्राअों का प्रचलन शुरु नहीं हुआ था तब भी समाज में यदि किसी का घर किसी आपदा में नष्ट हो जाता तो गांव सामाज के लोग मिल कर उस नुकसान की भरपाई कर देते। हमारे समाज में अब भी इस तरह का प्रचलन है। आधुनिक रुप में इंश्योरैंस का इतिहास युरोप से माना जाता है जब व्यापारी समुद्र के रास्ते से अपना माल दूसरे देशों को भेजने लगे। व्यापारियों को तूफान अौर समुद्री डाकुअों से अपने सामान को बचाना होता था।

मुख्य खिलाड़ी

भारत में मुख्य इंश्योरैंस कम्पनियां हैं

लाईफ इंश्योरैंस कॉर्पोरेशन अॉफ इंडिया यानि LIC
टाटा एआईजी जनरल इंश्योरैंस
बजाज एलियांज़ जनरल इंश्योरैंस
न्यू ईंडिया इंश्योरैंस
ICICI प्रुडेंशल लाईफ इंश्योरैंस
इफको टोकियो जनरल इंश्योरैंस
ICICI लोंबार्ड जनरल इंश्योरैंस
अोरियंटल इंश्योरैंस
बिरला सन लाईफ इंश्योरैंस
HDFC लाईफ इंश्योरैंस

जीवन बीमा और साधारण बीमा

बीमा क्या है, इसके बाद अगला सवाल है यह कितने प्रकार के होते हैं। मुख्य रूप से दो तरह के इंश्योरैंस होते हैं जीवन और साधारण। जीवन बीमा व्यक्ति के जीवन का इंश्योरैंस होता है जिसमें अवधी पूरी होने पर बीमाधारक को सम एश्योर का बोनस सहित भुगतान किया जाता है अौर यदि बीमाधारक की मृत्यू हो जाती है तो नामित व्यक्ति को सम एश्योर का भुगतान किया जाता है। साधारण बीमा वस्तुअों का इंश्योरैंस होता है जिसमें वास्तुअों के चोरी, खराब या किसी दुर्घटना में हानी होने पर हुए वित्तीय नुकसान की भरपाई की जाती है।

साधारण बीमा के प्रकार

भारत में साधारण बीमा के प्रचलित प्रकार हैं

स्वास्थ्य
कार
ट्रेवेल
दुपहिया
गृह

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भारत सरकार द्वारा चलायी जा रही विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्यबीमा योजना है जिसमें 50 करोड़ लोगों के लिये फ्री इलाज की व्यवस्था है।

जीवन बीमा के प्रकार

जीवन बीमा के प्रचलित प्रकार हैं
टर्म इंश्योरैंस
एंडोमेंट इंश्योरैंस
मनी बैक इंश्योरैंस
यूलिप


प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना गरीबों के लिये कम प्रीमियम पर सरकार द्वारा चलायी जा रही टर्म इन्शौरेंस पॉलिसी है।

सुरक्षा के लिए ज़रूरी

चाहे लाईफ इंश्योरैंस हो या साधाराण इंश्योरैंस, हमें अचानक होने वाली दुर्घटनाअों अौर उनसे होने वाले अार्थिक नुकसान की भरपाई में सहयोग करते हैं। जीवन में इंश्योरैंस की आवश्यकता महसूस करने के कई कारण हैं। यह देखते हुए कि जीवन अनिश्चितताओं से भरा है, यह वास्तव में महत्वपूर्ण है कि आप जितनी जल्दी हो सके इंश्योरैंस खरीद लें ताकि आप और आपके परिवार को किसी भी संभावित नुकसान से बचाया जा सके। इंश्योरैंस न केवल आपको संरक्षित रखता है, यह आपको मानसिक शांति भी प्रदान करता है। इंश्योरैंस वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जिनके लिए इंश्योरैंस पॉलिसी में मिली मैच्योरिटी की रकम रिटायर्मेंट के बाद के खर्चों का ख्याल रखने के काम आती है।

निवेश लक्ष्यों के लिये

इसके अलावा, आप अपने निवेश लक्ष्यों को पूरा करने और आरामदायक सेवानिवृत्ति के लिए योजना बनाने के लिए इन इंश्योरैंस पॉलिसी का उपयोग कर सकते हैं। सबसे ऊपर, इंश्योरैंस पॉलिसी न केवल आपकी देखभाल करेंगी बल्कि यदि आप ना भी हों तो भी वे अलग-अलग जरूरतों के भुगतान के लिए अपके करीबी और प्रियजनों का ख्याल रखेगी।

महिलाओं के लिये भी जरुरी

आज के समय में जब महिलायें भी घर के खर्च में अपना पूर्ण योगदान दे रहीं हैं तो उन्हें भी अपने लिये लाईफ इंश्योरैंस जरुर लेना चाहिये। महिलाओं के लिए जीवन बीमा पर इसके सभी पहलुओं के बारे में पढ़ें।

प्रीमियम का निर्धारण

लाईफ इंश्योरैंस में प्रीमियम का निर्धारण इंश्योरैंस लेने वाले की आयू, लिंग, स्वास्थ और अन्य कई कारकों पर आधारित होता है। यहां विस्तार से पढ़ें कि जीवन बीमा में प्रीमियम का निर्धारण कैसे होता है।

कैसे लें जीवन बीमा

मुझे इंश्योरैंस लेना चाहिये या नहीं, कौन सा इंश्योरैंस लें, कितना लाईफ कवर लें यह सब समझने के लिये पढ़िये जीवन बीमा कैसे खरीदें और जीवन बीमा लेने से पहले जानने योग्य बातें। इंश्योरैंस लेने से पहले अपने एजेंट को भी जांच लें और बीमा एजेंट कैसा हो यह भी समझ लें।

जीवन बीमा का क्लेम

जब इंश्योरैंस मैच्योर हो जाए या बीमाधारक की मृत्यू हो जाये तो बीमा राशी का क्लेम किया जाता है। यहां हमने जीवन बीमा का क्लेम कैसे लें इसे विस्तार से समझाया है।

टैक्स में छूट

आप अधिकतम राशि 1,50,000 रुपये तक देय जीवनबीमा प्रीमियम पर धारा 80 सी, 80 सीसी और 80 सीसीई के तहत कराधान से छूट प्राप्त कर सकते हैं। आयकर की धारा 80डी के आंतर्गत 15000 रुपये तक देय हेल्थ इंश्योरैंस के प्रीमियम पर छूट मिलती है। सीनियर सिटिजन के लिये यह सीमा 20000 रुपये है।

यह थी इंश्योरैंस क्या है यह बताने अौर इंश्योरैंस से जुडे तमाम पहलुअों को आसान हिंदी में समझने की हमारी कोशिश।


Leave A Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *