म्यूचुअल फंड में डायरेक्ट प्लान

म्यूचुअल फंड में डायरेक्ट प्लान क्या हैं अौर इनसे क्या फायदे हैं। आजकल  निवेशकों म्यूचुअल फंडों के डायरेक्ट प्लान के माध्यम से निवेश करना शुरू कर दिया है मगर निवेशकों के पास अभी भी म्यूचुअल फंड योजनाओं के डायरेक्ट प्लान्स के बारे में कई संदेह और प्रश्न हैं। म्यूचुअल फंड में डायरेक्ट प्लान क्या हैं? म्यूचुअल फंड योजनाओं में इन डायरेक्ट प्लान के माध्यम से निवेश करना चाहिए या नहीं?

म्यूचुअल फंड में डायरेक्ट प्लान
म्यूचुअल फंड में डायरेक्ट प्लान

म्यूचुअल फंड में डायरेक्ट प्लान क्या हैं?

हालांकि एसेट मेनेजमैंट कंपनियों (एएमसी) ने 2011 से पहले म्यूचुअल फंड योजनाओं में प्रत्यक्ष निवेश की अनुमति दे दी थी मगर  इन निवेशों के लिए कोई अलग योजना नहीं थी। ये निवेश वितरक योजना में ही बनाए गए थे और वितरक योजना में से  एनएवी के साथ इन्हें ट्रैक किया जाता था। इसलिए निवेशक वितरक योजनाओं के एनएवी के आधार पर ही म्यूचुअल फंड खरीदने के लिए बाध्य था। 1 जनवरी, 2013 से डायरेक्ट प्लान के आने से  चीजें बदल गईं।

म्यूचुअल फंड डायरेक्ट प्लान या प्रत्यक्ष योजनाएं वो हैं जहां एएमसी / म्यूचुअल फंड हाउस वितरक खर्च / ट्रेल शुल्क / लेनदेन शुल्क नहीं लेते हैं। नियमित योजना की तुलना में प्रत्यक्ष योजना का एनएवी अधिक होगा। हालांकि योजना पोर्टफोलियो का निवेश उद्देश्य और निवेश मिश्रण डायरेक्ट या नियमित योजनाओं के लिए एक समान होता है। सीधे शब्दों में कहें तो डायरेक्ट प्लान में कोई बिचौलिया नहीं होता अौर बिचौलियों को दिये जाने वाली कमीशन निवेशक को मिल जाती है।

डायरेक्ट प्लान की विशेषताएं

निवेशक सीधे वितरकों या म्यूचुअल फंड ब्रोकर को शामिल किए बिना  म्यूचुअल फंड की डायरेक्ट प्लान योजनाओं में निवेश कर सकते हैं। उन्हें एएमसी वेबसाइट पर जाने और म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश करने की प्रक्रिया का पालन करने की आवश्यकता है।

व्यय अनुपात कम

ऐसी म्यूचुअल फंड योजनाओं के लिए म्यूचुअल फंड ब्रोकर को भुगतान की जाने वाली कोई भी वितरण शुल्क या ट्रेल शुल्क नहीं देता। इसके कारण नियमित योजनाओं की तुलना डायरेक्ट प्लान में व्यय अनुपात कम होगा और नियमित योजनाओं की तुलना में निवेशकों को उच्च रिटर्न मिलेगा। डायरेक्ट प्लान  में रिटर्न नियमित योजनाओं की तुलना में प्रति वर्ष 0.5% से  लेकर 1.5% तक  अधिक मिल सकता है।

कोई डिस्ट्रिब्यूशन चार्ज नहीं

इन डायरेक्ट प्लान के माध्यम से किए गए म्यूचुअल फंड योजनाओं में एकमुश्त निवेश या एसआईपी निवेश के लिए कोई डिस्ट्रिब्यूशन चार्ज नहीं होगा क्योंकि लेनदेन सीधे एएमसी के साथ किया जाता है। कुछ म्यूचुअल फंड मध्यस्थ हैं जो लेनदेन शुल्क नहीं लेते क्योंकि वे ट्रेल फीस पर निर्भर रहते हैं।


प्रत्यक्ष योजनाओं के लिए हर योजना में अलग एनएवी (नेट परिसंपत्ति मूल्य) होता है। ऐसी योजनांओं के नाम के अंत में D लिखा रहता है।

डायरेक्ट प्लान में किसे निवेश करना चाहिए?

म्यूचुअल फंड में डायरेक्ट प्लान उन निवेशकों के लिए अच्छा है जो म्यूचुअल फंड योजनाओं में मध्यस्थ / म्यूचुअल फंड ब्रोकर के बिना एएमसी से सीधे डील करना चाहते हैं। ये उन निवेशकों के लिए अच्छे हैं जो व्यय अनुपात को कम करने के तरीके से अपने रिटर्न में वृद्धि करना चाहते हैं।

अपना अध्ययन करें

इन प्रत्यक्ष योजनाओं में निवेशकों को अपना स्वयं का विश्लेषण करना चाहिए और निवेश के लिये टॉप म्यूचुअल फंड योजनाओं का चयन करना चाहिए। अच्छी म्यूचुअल फंड योजनाओं के बारे में जानने के लिए निवेशक को म्यूचुअल फंड वेबसाइटों का अध्ययन करना चाहिए।

दस्तावेज प्रक्रिया का ख्याल

प्रत्यक्ष योजना में निवेश करने वाले निवेशक को म्यूचुअल फंड में आवेदन अौर दस्तावेज प्रक्रिया का ख्याल स्वयं रखना होता है इसमें म्यूचुअल फंड एप्लिकेशन, ट्रैकिंग, पोर्टफोलियो, नामांकित व्यक्ति का नाम जोड़ना या उसे बदलना, पते में परिवर्तन, केवाईसी इत्यादि  शामिल है।  चूंकि सबकुछ अब ऑनलाइन है इसलिए कोई भी डायरेक्ट प्लान की योजनाओं में निवेश शुरू कर सकता है।

म्यूचुअल फंड में डायरेक्ट प्लान उन लोगों के लिए सर्वश्रेष्ठ हैं जो एएमसी  से सीधे निवेश करके म्यूचुअल फंड रिटर्न में वृद्धि करना चाहते हैं और अपने आप दस्तावेज जमा कर सकते हैं। हालांकि प्रारंभिक चरणों में प्रक्रिया थोड़ा जटिल लग सकती है, लेकिन बाद में निवेश करते समय यह आसान लगने लगता है।


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