डाइवर्सिफिकेशन

डाइवर्सिफिकेशन निवेश के रिस्क को कम करने का तरीका। डाइवर्सिफिकेशन यानी निवेश में विविधता ला कर आप कैसे अपने निवेश को सुरक्षित बना सकते हैं जिससे आपके निवेश को रिस्क कम हो जायेगा और ग्रोथ की संभावना बढ़ जायेगी। Diversification meaning in Hindi and how to reduce risk in investment. शेयर बाजार के बारे में अधिक जानकारी और अन्य पहलुओं को जानने के लिये Share Market in Hindi विस्तार से पढ़ें।

डाइवर्सिफिकेशन
डाइवर्सिफिकेशन

डाइवर्सिफिकेशन क्या है

जोखिम प्रबंधन तकनीक जिसमें पोर्टफोलियो के भीतर विभिन्न प्रकार के निवेश के मिश्रिण शामिल किये जाते हैं उसे विविधीकरण यानी डाइवर्सिफिकेशन कहते हैं। इस तकनीक के पीछे तर्क है कि विभिन्न प्रकार के निवेशों का निर्माण पोर्टफोलियो में औसतन से उंचा रिटर्न देता है और पोर्टफोलियो में एक ही तरह के निवेश की तुलना में कम जोखिम वाला होता है।

डाइवर्सिफिकेशन क्यों करें

आपने यह अंग्रेजी कहावत तो सुनी होगी कि कभी भी अपने सभी अंडे एक ही टोकरी में नहीं रखने चाहिये। यह बात निवेश पर सबसे सही लागू होती है। विविधीकरण पोर्टफोलियो में होने वाले जोखिमों को कम करता है क्योंकि कुछ निवेशों का सकारात्मक प्रदर्शन दूसरों के नकारात्मक प्रदर्शन को बेअसर कर देता है। इसलिए विविधीकरण के लाभ केवल तभी होते हैं जब पोर्टफोलियो में प्रतिभूतियां पूरी तरह से अलग अलग प्राकृति की हों। अध्ययन और गणितीय मॉडल ने दिखाया है कि 25 से 30 शेयरों के एक अच्छी तरह से डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो जोखिम में कमी का सबसे अधिक प्रभावी परिणाम देता है।

म्यूचुअल फंड सही है

अधिकांश छोटे निवेशकों के पास सीमित निवेश बजट होता है और पर्याप्त रूप से डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बनाना मुश्किल हो सकता है। इस बात से समझा जा सकता है कि म्यूचुअल फंड की लोकप्रियता क्यों बढ़ रही हैं। म्यूचुअल फंड में शेयर ख़रीदना निवेशकों के लिये डाइवर्सिफिकेशन का ही एक आसान तरीका है।


अलग अलग साधनों में निवेश

निधि प्रबंधक और निवेशक अक्सर अलग अलग निवेश के साधनों में निवेश कर अपने पोर्टफोलियो को विविधता देते हैं और यह निर्धारित करते हैं कि पोर्टफोलियो का कितना प्रतिशत प्रत्येक निवेश के साधन में आवंटित करना है। इनमें स्टॉक और बॉन्ड, रीयल इस्टेट, ईटीएफ, कमोडिटीज, अल्पावधि निवेश और अन्य वर्ग शामिल हो सकते हैं। इसके बाद वे परिसंपत्ति वर्गों के भीतर निवेश के बीच विविधता हासिल करते हैं, जैसे कि विभिन्न उद्योग क्षेत्रों के शेयरों का चयन करके या विभिन्न बाजार पूंजीकरण वाले स्टॉक चुनकर।

पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाइ करें

अपने पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाइ करने के लिये कोई निवेशक अलग अलग उद्योगों के शेयरों में निवेश कर सकता है। इसी प्रकार पोर्टफोलियो में कुछ शेयर लार्ज कैप, कुछ मिड कैप और कुछ स्माल कैप के भी रख सकते हैं। यदि म्युचुअल फंड में निवेश कर रहे हैं तो इक्विटी फंडों में विभ्भिन प्रकारों में से अलग अलग फंडों में निवेश कर सकते हैं।

रिस्क को कम करे

इस प्रकार के निवेश के मिश्रण को ही डाइवर्सिफिकेशन कहते हैं। इस प्रकार के निवेश में जब किसी एक वर्ग के निवेश में रिटर्न कम या नेगेटिव आता है तो दूसरे वर्ग में मिला उच्च रिटर्न उस कमी को पूरा कर देता है। चाहे आपके पास निवेश के लिये कम राशी ही क्यों ना हो, उसे अलग अलग तरह के वर्गों में बांट कर ही निवेश करें। इस प्रकार आप अपने निवेश के रिस्क को काफी हद तक कम कर पायेंगे। डाइवर्सिफिकेशन निवेश के रिस्क को कम करने का ऐसा तरीका है जिसे दुनिया भर के निवेशक अपनाते हैं और अपने पोर्टफोलियो को बढ़ता हुआ देखते हैं।


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