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Kisan Vikas Patra in Hindi किसान विकास पत्र

What is Kisan Vikas Patra in Hindi किसान विकास पत्र के बारे में विस्तार से। इसे केवीपी भी कहते हैं और यह बचत द्वारा पैसे को दोगुणा करने का आसान और प्रचलित तरीका है। आइए जानें किसान विकास पत्र क्या है, यह कैसे काम करता है और इसके फायदे क्या हैं। निवेश के लिये आपको कई विकल्प उपलब्ध हैं जिनमें से डाकघर किसान विकास पत्र भी है। इसमें निवेश कर ना सिर्फ अपने पैसे को डबल करते हैं अपितु अन्य कई फायदे भी पाते हैं। इसे आमतौर पर KVP भी कहते हैं। किसान विकास पत्र की जानकारी, अवधि, संरचना और ब्याज दर के बारे में जानेंगे और समझेंगे इस योजना के सभी फीचर आसान हिंदी में। Kisan Vikas Patra post office saving scheme and features and benifits in Hindi.



Kisan Vikas Patra in Hindi किसान विकास पत्र

किसान विकास पत्र क्या है

यह एक ऐसी बचत योजना है जिसमें पहले से निर्धारित आय मिलती है और इसे किसी भी डाकघर से लिया जा सकता है। भारत सरकार द्वारा इस योजना को बचत को बढ़ावा देने के लिये चलाया जाता है। आमतौर पर सैलेरी पेशा लोग और मध्य आय वर्ग के लोग इसमें निवेश करते हैं जिससे उनकी बचत में बढ़ावा हो और एक निश्चित अवधि में आपका धन दोगुना हो जाये। यह योजना भी फिक्स्ड डिपॉजिट  और नेशनल सेविंग सर्टीफिकेट की तरह ही सुरक्षित योजना है जिसमें निवेश पर जोखिम नहीं होता है। इसे किसी बालिग के लिये या किसी अन्य के साथ ज्वॉंइट तरीके से खरीद सकते हैं। यहां पढ़ें सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम के बारे में विस्तार से हमारी साइट पर।


Kisan Vikas Patra rules in Hindi

इसकी अवधि इसे खरीदने के समय उस समय की ब्याज दर के अनुसार निर्धारित हो जाती है। केवीपी की खरीद पर कोई अधिकतम सीमा नहीं है। इस योजना में आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत कर छूट नहीं मिलती हैं। इस पर अर्जित आय पर टीडीएस नहीं कटता है। इस पर ब्याज की दर 1 अक्टूबर 2018 से 7.7% है। ब्याज दर वार्षिक रूप से चक्रवृद्धि दर पर गिनी जाती है। इस ब्याज दर पर ₹1000 का निवेश 112 महीने यानि 9 वर्ष 4 महीने में ₹2000 हो जायेगा। इस पर बैंक से लोन भी लिया जा सकता है।

किसे लेना चाहिए

कोई भी भारतीय नागरिक जो कि लंबी अवधि के लिये निवेश चाहता है और निवेश के लिये कोई सुरक्षित माध्यम देख रहा है वह इसमें निवेश कर सकता है। इस योजना में निवेश सुरक्षित रहता है और रिटर्न कितना मिलेगा इसकी गारंटी होती है। इसकी तुलना में ईएलएसएस में निवेश जोखिम लिये होता है मगर रिटर्न बेहतर मिल सकते हैं।

यहां हम किसान विकास पत्र में निवेश के फायदे बता रहे हैं:

सुरक्षित आय

इसमें निवेश के समय मिलने वाली ब्याज की दर निश्चित होती है इसलिये रिटर्न की सुरक्षा निवेश के समय ही निश्चित हो जाती है।

टैक्स में बचत

इस योजना में धारा 80 सी के अंतर्गत आयकर में छूट नहीं  मिलती है। हालांकि परिपक्वता अवधि के बाद निकासी पर स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस)  नहीं की जाती है।


छोटा निवेश

इसे ₹1000 या उसके गुणकों में ले सकते हैं।

ब्याज दर

इस योजना पर ब्याज की दर 1 अक्टूबर 2018 से 7.7% है। एक बार निवेश करने के समय जो ब्याज की दर लागू होती है वही दर पूरी अवधि में रहती है। सरकार हर तिमाही इस योजना के लिये ब्याज की दरों की घोषणा करती है।

अवधि

7.7% ब्याज दर पर इस योजना के लिये अवधि 112 महीने होगी।

निकासी

किसान विकास पत्र की अवधि 112 महीने है मगर 30 माह के बाद इसे निकलवा सकते हैं।

ऋण

सुरक्षित ऋण का लाभ उठाने के लिए आप अपने केवीपी प्रमाण पत्र को गिरवी के रूप में उपयोग कर सकते हैं। ऐसे ऋणों के लिए ब्याज दर तुलनात्मक रूप से कम होती है।

नामांकन सुविधा

डाकघर से नामांकन फॉर्म एकत्र करें और नामांकित की आवश्यक जानकारी भरें। यदि आप नाबालिग को नामांकित कर रहे हैं, तो जन्म की तारीख का जिक्र करें।


इस प्रकार आपने में देखा कि किसान विकास पत्र निवेश का सुरक्षित साधन है जो कि निश्चित अवधि में आपके निवेश को दो गुणा कर देता है और गारंटिकृत रिटर्न भी देता है। निवेश में जोखिम ना चाहने वालों और लंबी अवधि के लिये निवेश करने वालों के लिये यह निवेश का एक आदर्श साधन है।