शेयर बाजार में कम से कम कितना निवेश कर सकते हैं

शेयर बाजार में कम से कम कितना निवेश कर सकते हैं, कम पैसों से कैसे करें शेयरों में निवेश और शेयर बाजार में शुरुआत करने के लिए कितने पैसों की ज़रूरत होगी। शेयर बाजार में निवेश कितनी राशि से शुरू कर सकते हैं और किसी कम्पनी के कम से कम कितने शेयर ख़रीद सकते हैं। क्या होता है किसी कम्पनी के शेयर का ट्रेडिंग लॉट जिस में ख़रीद बिक्री की जा सकती है। शेयर बाजार के बारे में अधिक जानकारी और अन्य पहलुओं को जानने के लिये Share Market in Hindi विस्तार से पढ़ें।

शेयर बाजार में कम से कम कितना निवेश कर सकते हैं
शेयर बाजार में कम से कम कितना निवेश कर सकते हैं

कम राशि से कर सकते हैं शुरू

यदि आप भी यह समझते हैं कि शेयर बाज़ार केवल पैसे वालों के लिए है और ना जाने कितने पैसों से इसमें शुरुआत करनी होगी तो आप को बता दें कि आप बहुत ही कम राशि से इसमें निवेश कर सकते हैं। शेयर बाजार में कम से कम कितना निवेश कर सकते हैं निवेश किए जाने वाले शेयर पर निर्भर करेगी। वास्तव में यदि आप किसी ऐसे शेयर को ख़रीदते हैं जिसकी क़ीमत बीस रूपए है और उसका ट्रेडिंग लॉट 1 है तो आप बीस रुपए (ब्रोकरेज और चार्जेज़ अलग) से ही शुरुआत कर सकते हैं। आपकी निवेश की न्यूनतम राशि इस बात पर निर्भर करेगी कि जिस कम्पनी का शेयर ख़रीदना चाहते हैं उसकी चालू बाजार में क़ीमत कितनी है और उस शेयर का ट्रेडिंग लॉट कितने शेयरों का है। तो आपकी न्यूनतम निवेश राशि होगी चुने गए शेयर की क़ीमत उसके लॉट के अनुसार।

शेयर की क़ीमत पर निर्भर

अब यदि आप रिलायंस का शेयर ख़रीदना चाहते हैं और उसकी क़ीमत बाजार में एक हज़ार रुपए है और ट्रेडिंग लॉट एक है तो आपकी रिलायंस में निवेश की न्यूनतम राशि होगी एक हज़ार रुपए। इसी प्रकार यदि आप एक ट्रेडिंग लॉट वाले आयशर मोटेर्स जिसका दाम 22000 रुपए है में निवेश करना चाहते हैं तो आपकी निवेश की न्यूनतम राशि होगी 22000 रुपए। क्योंकि शेयरों की ख़रीद  बिक्री उनके ट्रेडिंग लॉट के अनुसार होती है।

शेयर का ट्रेडिंग लॉट

ट्रेडिंग लॉट किसी भी शेयर कि निर्धारित न्यूनतम संख्या होती है जिस पर उन शेयरों की ख़रीद बिक्री हो सकती है। हर कम्पनी के शेयरों का ट्रेडिंग  लॉट पहले से निर्धारित होता है। उस शेयर की ट्रेडिंग उसी लॉट या उसके गुनकों में की जा सकती है। डीमैट होने से पहले जब शेयरों की डिलीवरी शेयर सर्टिफ़िकेट के ज़रिए होती थी तब अधिकतर शेयरों का लॉट 100 शेयर निर्धारित रहता था। आजकल अधिकतर लॉट एक शेयर के ही होते हैं।

केवल कम क़ीमत वाले शेयर

यदि आप यह सोच कर निवेश करते हैं कि आप केवल कम क़ीमत वाले शेयर ही ख़रीदेंगे जिससे आपको कम निवेश करना पड़े तो केवल क़ीमत के आधार पर किसी शेयर में निवेश ना करें। किसी भी शेयर की क़ीमत उसकी वर्तमान और भविष्य की ग्रोथ की सम्भावनाओं पर आधारित होती है। कम क़ीमत किसी भी शेयर में निवेश करने का आधार नहीं हो सकती, उसके लिए आप उस कम्पनी के भविष्य की सम्भावनाओं को जाँच कर ही उसमें निवेश करें।


अधिक क़ीमत वाले शेयर

इसी प्रकार इस बात की भी सम्भावना है कि जिस शेयर को हम महँगा समझ रहे हैं उस में ग्रोथ की सम्भावना अधिक हो। इसी लिए हम केवल इसी कारण से किसी शेयर को इग्नोर नहीं कर सकते क्योंकि वह पहले से अधिक क़ीमत पर ट्रेड कर रहा है।

कीमत पर ना जाएँ

काम क़ीमत देख कर कभी कोई शेयर ना ख़रीदें। यदि आप शेयर बाजार में नए हैं तो पैनी शेयर कभी ना ख़रीदें। पैनी शेयरों की क़ीमत सबसे कम होती है मगर इनमें रिस्क सबसे अधिक होता है। शुरुआत में निवेश जानी मानी कम्पनी से ही करें। किस मित्र, साथी या ब्रोकर के कहने पर आजनी कमानी का शेयर कभी ना ख़रीदें। वास्तव में जब तक ख़ुद को अच्छे से समझ ना आए, शेयर बाजार में सीधे निवेश करने से बचें और म्यूचूअल फ़ंड में निवेश करें।

शेयर की मज़बूती देखें

क़ीमत के बजाए शेयर के भविष्य की सम्भावनाएँ देखें। उसके EPS, PE रेश्यो को समझें। भविष्य की परियोजनाओं को समझें। पिछले सालों का रिकार्ड देखें।

इस प्रकार यह ना सोचें कि शेयर बाजार में कम से कम कितना निवेश कर सकते हैं। अपने लिए अच्छे भविष्य वाली कम्पनी को निवेश के लिए चुनें और जितना आप निवेश करने की क्षमता रखते हैं उतने शेयर ख़रीद लें। निवेश करने से पहले इससे जुड़े जोखिम को भी भली भाँति समझ लें।


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