Right Issue in Hindi राइट इश्यू क्या है

Right Issue in Hindi राइट इश्यू क्या है और क्या हैं इसके फायदे। कंपनी राइट इश्यू क्यों जारी करती है और यह किस तरह से आईपीओ से अलग है। राइट इश्यू किन्हें मिलता है, क्या हैं इसके फायदे और इसका कंपनी की शेयर कैपिटल पर क्या असर होता है, साथ ही जानेंगे राइट इश्यू से जुड़े अन्य सभी पहलुओं के बारे में। शेयर बाजार के बारे में अधिक जानकारी ओर अन्य पहलुओं को जानने के लिये Share Market in Hindi विस्तार से पढ़ें। इसके साथ ही समझें राइट और बोनस शेयर का अंतर हमारी साइट पर।


राईट इश्यू क्या है
Right Issue in Hindi राइट इश्यू क्या है

राइट इश्यू क्या है

राइट इश्यू की पेशकश मौजूदा शेयरधारकों को उनके मौजूदा होल्डिंग्स के अनुपात में अतिरिक्त शेयर खरीदने के लिए प्रस्तावित अधिकार है, जिसे सदस्यता वारंट के रूप में जाना जाता है। राइट इश्यू की पेशकश में मूल्य जिस पर प्रत्येक शेयर खरीदा जा सकता है आमतौर पर वर्तमान बाजार मूल्य से कुछ कम होता है। राइट इश्यू के अधिकार अक्सर हस्तांतरणीय होते हैं जिसे शेयर होल्डर खुले बाजार में बेच सकता है।


शेयर खरीदने का अधिकार

राइट इश्यू की पेशकश में प्रत्येक शेयरधारक को एक विशिष्ट मूल्य पर और विशिष्ट अवधि (आमतौर पर 16 से 30 दिनों) के भीतर अतिरिक्त शेयरों को एक निश्चित आनुपात (Pro Rata) में खरीदने का अधिकार प्राप्त होता है। शेयरधारक इस अधिकार का प्रयोग करने के लिए बाध्य नहीं हैं।

क्यों जारी किया जाता है

कंपनियां अतिरिक्त पूंजी जुटाने के लिए सबसे अधिक राइट इश्यू जारी करती हैं। किसी भी कंपनी को अपने मौजूदा वित्तीय दायित्वों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त पूंजी की आवश्यकता हो सकती है। परेशान कंपनियां आमतौर पर ऋण चुकाने के लिए राइट इश्यू का उपयोग करती हैं खासकर जब वे अधिक पैसा उधार लेने में असमर्थ होतीं हैं।

व्यवसाय का विस्तार

हालांकि राइट इश्यू की पेशकश करने वाली सभी कंपनियां वित्तीय परेशानी में नहीं होतीं हैं। यहां तक कि स्वच्छ बैलेंस शीट वाली कंपनियां अपने व्यवसाय का विस्तार करने के लिए अतिरिक्त पूंजी जुटाने के लिए इसका उपयोग कर सकती हैं। यदि कंपनी विस्तार के लिए अतिरिक्त पूंजी का उपयोग कर रही है तो अंततः राईट इश्यू के परिणामस्वरूप शेयरधारकों के लिए पूंजीगत लाभ में वृद्धि हो सकती है।

कैसे काम करते हैं

Right Issue in Hindi में आगे बतायेंगे राइट इश्यू कैसे काम करते हैं? व्याख्या करने का सबसे अच्छा तरीका एक उदाहरण के माध्यम से समझने में है।

मान लें कि आपके पास अबस कंपनी में 1000 शेयर हैं जिनकी कीमत 1000 प्रति शेयर है। कंपनी को नकदी जुटाने की जरूरत है इसलिए वह राइट इश्यू की घोषणा करती है। जिसमें मौजूदा निवेशकों को 800 रुपये प्रत्येक की कीमत पर शेयर जारी करके धन जुटाने की योजना बनाती है। लेकिन कंपनी यह इश्यू 3:10 पर शेयार होल्डरों को दे रही है। दूसरे शब्दों में आपके हर 10 शेयरों के लिए अबस आपको 200 रुपाये छूट पर तीन और शेयर लेने की पेशकश कर रही है। यह कीमत 1000 रुपये की कीमत से 20% कम है जिस पर अबस स्टॉक ट्रेड कर रहा है।

राईट इश्यू को समझना

हालांकि अबस कंपनी का शेयर आपको 20% कम कीमत पर मिल गया मगर जरुरी नहीं है कि बाजार में यह शेयर अपनी मौजुदा कीमत पर ही टिका रहेगा। राइट इश्यू के बाद कैपिटल बढ़ जाने के कारण शेयर की कीमत घट भी सकती है। इस लिये राइट इश्यू सब्सक्राइब करने से पहले यह समझना जरुरी है कि जिस कीमत पर शेयर जारी किया जा रहा है शेयर की वह कीमत बाजार में टिकेगी या नहीं।

फायदे

कंपनियां आम तौर पर धन जुटाने की आवश्यकता होने पर राइट इश्यू जारी करती हैं ऋण चुकाने के लिये, उपकरण खरीदने के लिये या किसी अन्य काम के लिये कंपनी धन की आवश्यकता हो सकती है। कुछ मामलों में यदि कंपनी के पास धन एकत्र करने का कोई अन्य व्यवहारिक विकल्प नहीं होता तो कंपनी राइट इश्यू से धन जुटा सकती है। राइट इश्यू के अन्य महत्वपूर्ण लाभ यह है कि जारी करने वाली कंपनी अंडरराइटिंग फीस को बाईपास कर सकती है। इसे जारी करने के लिये शेयरधारकों से अनुमोदन आवश्यक नहीं है। मौजूदा शेयरधारकों के लिए राईट इश्यू छूट पर अतिरिक्त शेयर खरीदने का मौका देते हैं।

यह थी हमारी Right Issue in Hindi राइट इश्यू क्या है और इसके फायदे समझने की कवायद। तो अगली बार यदि कोई कंपनी राइट इश्यू जारी करती है तो इसके सभी पहलुओं को समझ कर ही इसे सब्सक्राइब करें।


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