गिरते बाजार में SIP चालू रखने के फ़ायदे

गिरते बाजार में SIP चालू रखने के फ़ायदे हैं, बाजार मंदा हो और आपके SIP निवेश के रिटर्न नेगेटिवे हैं तो भावनाओं में घबरा कर SIP बंद करवाना कहाँ तक उचित है? वास्तव में SIP में निवेश का औचित्य क्या था? SIP केवल बढ़ते बाजार में फ़ायदा देती है या गिरते बाजार में SIP चालू रखने के फ़ायदे भी हैं? आज इसे जानने की कोशिश कारतें हैं कि ऐसे में SIP चालू रखनी चाहिए या बंद कर देनी चाहिए जब बाजार में मंदा छाया हो आपके SIP पर कुछ समय से घाटा हो रहा हो। SIP के बारे में अधिक जानकारी और अन्य पहलुओं को जानने के लिये SIP in Hindi हमारा लेख विस्तार से पढ़ें।

गिरते बाजार में SIP चालू रखने के फ़ायदे
गिरते बाजार में SIP चालू रखने के फ़ायदे

बेहतर औसत लागत

जब हम एसआईपी यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान शुरू करते हैं तो उसका एक ही उद्देश्य होता है कि बाजार में हो रही ऊँच नीच में हर लेवल पर हम निवेश कर पाएँ। गिरते बाजार में SIP चालू रखने से लम्बी समय अवधि में फ़ायदा ही होगा। बाजार में हो रहे उतार चड़ाव की तरफ़ ध्यान ना दें और अपने SIP में निवेश को चालू रखें। निवेशकों को अपने SIP पर 5 से 10 साल तक की समय अवधि अपनानी चाहिए जिससे उन्हें बाजार का लाभ मिल सके। शेयर बाज़ार कई अप्स और डाउन दिखाएगा। यही उसकी फ़ितरत है। गिरते बाजार में SIP चालू रखने से आपके निवेश की औसत लागत बेहतर होती जाएगी जो कि लम्बी समय अवधि में आपके लिए लाभदायक ही होगी। कई बार बाजार असाधारण तेज़ी दिखाते हैं तो कई बार असाधारण मंदी। लम्बे समय में औसत रिटर्न हमेशा पोजोटिव हो जाते हैं जो कि GDP में कोरपोरटे ग्रोथ के अनुसार प्रदर्शन करने लगते हैं।

निवेश का सही समय

एसआईपी शुरू करने का पहला उद्देश्य यही होता है कि अनुशशित तरीक़े से हम नियमित निवेश करते रहें। मंदे समय में निवेश जारी रखना फ़ायदेमंद साबित होता है क्योंकि मंदी का समय ही निवेश के लिए बेहतर समय है।

कम्पाउंडिंग की शक्ति

कम्पाउंडिंग की शक्ति निवेश को तेज़ गति से बढ़ने में सहायक होती है। यदि आप बाजार के ऊँच नीच को भुला कर हर महीने नियमित निवेश करते हैं तो अपने निवेश को कम्पाउंडिंग की शक्ति से बढ़ता देख सकते हैं।

निर्णय लेने में सहायक

शेयर बाजार में निवेशक दो निर्णय नहीं कर पाता, कहाँ निवेश करें और कब निवेश करें। SIP में निवेश आपको यह दोनों निर्णय करने में सहायक हो जाता है। यह तो आप निर्धारित कर ही चुके हैं कि आपको म्यूचूअल फंड में निवेश करना है, आपका नियमित निवेश, कब निवेश करना है यह भी निर्धारित कर देता है। यदि आप SIP चालू रखते हैं तो हर गिरावट पर भी उसी तरह निवेश कर पाएँगे जैसे तेजी में किया था। ऊपर नीचे होते बाजार में कब निवेश करना है इसकी चिंता नहीं होती।


कितने समय तक जारी रखें SIP

विशेषज्ञों का मानना है कि SIP की समय अवधि 3,5,7 या 10 वर्ष तक रखें। या जिस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आप निवेश कर रहे हैं उस लक्ष्य की प्राप्ति पर अपना SIP बंद कर सकते हैं। यदि आपके पास एक से अधिक वित्तीय लक्ष्य हैं तो सभी लक्षयों के लिए अलग अलग SIP शुरू करें और निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति पर उस SIP को बंद करवा दें।

अपनी SIP में एकमुश्त जमा करवाएँ

इस योजना में जिसमें आप एसआईपी चला रहे हैं एकमुश्त राशि जोड़ना लम्बे समय के लिए अच्छा हो सकता है। खासकर जब बाजार सुधारात्मक यानी करेक्शन के चरण में होते हैं। इससे आप कम एनएवी में अधिक यूनिट प्राप्त कर सकते हैं। ऐसी निवेश को टॉप अप कहा जाता है।

आपको समझ आ गया होगा गिरते बाजार में SIP चालू रखने के फ़ायदे क्या हो सकते हैं और बाजार में ज़्यादा ज़रूरी है नियमित और अनुशशित निवेश।


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