बैंक खातों के प्रकार

बैंक खातों के प्रकार Types Of Bank Accounts in Hindi उनकी विशेषतायें अौर लाभ। अलग अलग खातों के लाभ अोर नियम क्या हैं सब कुछ विस्तार से आसान हिंदी में यहां पाढ़िये। साथ ही पढ़िये बचत खाते अौर चालू खाते में क्या अंतर है अौर अरडी अकाउंट अौर फिक्स्ड डिपॉजिट की विशेषतायें क्या हैं। बैंक खातों के प्रकार, उनके नियम अोर विशेषतायें। साथ ही जानिये कौन सा बैंक खाता किसके लिये उपयुक्त है।

बैंक खातों के प्रकार Types Of Bank Accounts in Hindi
बैंक खातों के प्रकार Types Of Bank Accounts in Hindi

बैंक खातों के प्रकार

बैंक खातों को चार अलग-अलग प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है Types Of Bank Accounts in Hindi

चालू खाता

चालू खाता यानी करंट अकाउंट मुख्य रूप से व्यावसायिक व्यक्तियों, फर्मों, कंपनियों, सार्वजनिक उद्यमों आदि के लिए होता है और कभी भी निवेश या बचत के उद्देश्य के लिए उपयोग नहीं किया जाता है। ये खाता सबसे अधिक तरल खाता हैं और इसमें एक दिन में लेनदेन की संख्या या लेनदेन की राशि के लिए कोई सीमा नहीं होती है। हालांकि, खाते में रखी गई राशि पर कोई ब्याज नहीं दिया जाता है, बैंक ऐसे खातों पर कुछ सेवा शुल्क वसूलते हैं। चालू खातों में कोई निश्चित परिपक्वता नहीं होती है क्योंकि ये निरंतर चलाये रहने वाला खाता है।

बचत खाता

बचत खाता खोलने का उद्देश्य  अपनी बचत को सुरक्षित रखना है। कोई भी व्यक्ति एकल यानि सिंगल या संयुक्त यानि जॉईंट रूप से बचत खाता खोल सकता है। अधिकांश वेतनभोगी व्यक्ति, पेंशनभोगी और छात्र बचत खाते का उपयोग करते हैं।

बचत खाता रखने के लाभ

बैंक बचत के लिए ब्याज का भुगतान करते हैं। बचत खाता धारक जब आवश्यक हो अपने पैसे निकलवा सकता है।
बचत खाते पर ब्याज दर भारत में प्रति वर्ष 4% से 6% के बीच है। बचत खाते में कितनी बार पैसे जमा करना है और कितनी  राशि जमा करनी है इस पर कोई प्रतिबंध नहीं है। लेकिन निकासी की संख्या पर कुछ प्रतिबंध हो सकते हैं। कुछ बैंक बचत खाते को चलाने के लिये न्यूनतम राशि बनाए रखने की सलाह देते हैं।

जनधन खाते भी कम सुविधा वाले बचत खाते ही हैं।

विस्तार से सेविंग अकाउंट और करंट अकाउंट में अंतर पढ़ सकते हैं।

आवर्ती जमा खाता

आवर्ती जमा खाता या आरडी खाता उन लोगों द्वारा खोला जाता है जो नियमित अवधि के लिए नियमित रूप से कुछ निश्चित राशि बचाना चाहते हैं और उच्च ब्याज दर अर्जित करना चाहते हैं। आरडी खाते में एक निश्चित अवधि के लिए हर महीने एक निश्चित राशि जमा की जाती है और खातेदार को एक विशेष राशि निश्चित अवधि के अंत में ब्याज के साथ मिल जाती है। आवर्ती जमा खाते में आम तौर पर बचत खाये से आधिक मगर फिक्स्ड खाते से कम ब्याज मिलता है। यहां पोस्ट अॉफिस आरडी खाते के बारे में विस्तार से पढ़ें।


आवर्ती जमा खाते के नियम

आवर्ती जमा खाते में जमा की अवधि न्यूनतम छह महीने और अधिकतम दस वर्ष हो सकती  है। ब्याज दरें अलग-अलग योजनाओं के लिए अलग-अलग होती हैं, जो जमा राशि, खाते की अवधि और बैंकों पर निर्भर होती है। आरडी खाते से निकासी की अनुमति नहीं होती है। हालांकि, बैंक परिपक्वता अवधि से पहले खाता बंद करने की अनुमति दे सकता है।

ये खाते एकल या संयुक्त नामों में खोले जा सकते हैं। बैंक आरडी खाता धारकों को नामांकन सुविधा भी प्रदान कर रहे हैं।

सावधि जमा खाता

सावधि जमा खाते जिसे एफडी भी कहा जाता है में बैंक में निर्धारित अवधि के लिए एक विशेष राशि जमा की जाती है। इस खाते में जमा धनराशि को खाते की अवधि समाप्त होने से पहले वापस नहीं लिया जा सकता है।

हालांकि आवश्यकता पड़ने पर जमाकर्ता अपनी फिक्स्ड डिपोजिट रसीद बैंक में वापिस दे कर  समय से पहले सावधि जमा बंद करने के लिए कह सकता है। खातेदार को इसके लिये कुछ जुर्माना राशि बैंकों को देनी पड़ सकती है।

जितने भी बैंक खातों के प्रकार हैं उनमें से सावधि जमा पर सबसे उच्च ब्याज दर का भुगतान किया जाता है। सावधि जमा के लिए भुगतान ब्याज की दर राशि, अवधि और अलग अलग बैंक में अलग-अलग होती है। यहां पढ़ें बैंक डिपॉजिट पर ब्याज कैसे गिनते हैं

यदि अपको डिसाईड करने में कठिनाई हो रही है कि रिकरिंग डिपॉजिट और फिक्स्ड डिपॉजिट में से क्या चुनें तो हमारा लेख जरुर पढ़ें।

बैंक खातों के प्रकार Types Of Bank Accounts in Hindi पढ़ कर उनका महत्व अौर लाभ आपको समाझ आ गये होंगे अोर यह भी पता चल गया होगा कि कौन सा बैंक खाता किसके लिये उपयुक्त है।


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