एन्युटी और पेंशन योजनायें

एन्युटी और पेंशन योजनाओं के बारे में विस्तार से हिंदी में। एन्युटी क्या है, पेंशन योजनायें क्या हैं और यह कैसे काम करतीं हैं। जिंदगी की सुनहरी शामों के लिये जब आप रिटायर्ड हो जायेंगे तो किस तरह की स्कीम हमें रिटायर्मेंट के बाद के आर्थिक आवाश्यक्ताओं को पूरा करने में काम आयेंगी वह सब समझते हैं। एन्युटी और पेंशन योजनायें क्या हैं और उनकी विशेषताओं के आधार पर उनका चुनाव कैसे करें। सही एन्युटी और पेंशन योजनाओं का चुनाव आपके बुढ़ापे को आर्थिक चिंताओं से मुक्त कर सकता है।

एन्युटी और पेंशन योजनायें
एन्युटी और पेंशन योजनायें

बुढ़ापे में नियमित आय

क्या आप अपने बुढ़ापे के दिनों में नियमित और गारंटीयुक्त आय की तलाश कर रहे हैं? एक उपयुक्त एन्युटी स्कीम में अपने कड़ी कमाई का निवेश आपको यह गारंटी दे सकता है। आखिरकार ऐसे उत्पाद विशेष रूप से लंबी अवधि की सेवानिवृत्ति आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किये जाते है। आगे के विवरण देखने से पहले आइए एन्युटी और पेंशन योजनायें क्या हैं इसे समझने की कोशिश करते हैं।

एन्युटी क्या है

एन्युटी शब्दिक अर्थ तो होगा वार्षिकी। इसे भत्तों के संदर्भ में प्रयोग किया जाता है तो हम इसे कह सकते हैं वार्षिक भत्ता। मगर यहां हम आसानी के लिये एन्युटी शब्द का ही प्रयोग करेंगे। यह एक वित्तीय उत्पाद है जो एक व्यक्ति को एक निश्चित आय के स्त्रोत बनाये रखने के लिये भुगतान करता है जिसे मुख्य रूप से सेवानिवृत्त लोगों के लिए आय के रूप में उपयोग किया जाता है। वित्तीय संस्थानों द्वारा एन्युटी योजनायें बनाई और बेची जाती हैं जो व्यक्तियों से धन स्वीकार करते हैं और निवेश करते हैं और फिर, एन्युटी के बाद के समय पर भुगतान जारी रखते हैं। उस समय की अवधि जब भुगतान शुरू होने से पहले एन्युटी को वित्त पोषित किया जाता है उसे Accumulation Phase संचय चरण के रूप में जाना जाता है। भुगतान शुरू होने के बाद अनुबंध AIOnuitization चरण में आ जाता है।

Accumulation and Annuitization

आसान भाषा में समझें तो किसी भी पेंशन योजना के दो चरण होते हैं – Accumulation phase जिसमें योजना धाराक अपने सेवा काल में पैसे जमा करवाता है और जब वह रिटायर्ड हो जाता है तो उसके कुल जमा धन पर एन्युटी मिलना शुरू हो जाती है। एन्युटी अपने सेवानिवृत्ति के वर्षों के दौरान किसी व्यक्ति के लिए स्थिर आय के साधन को सुरक्षित करने और दीर्घायु जोखिम के डर को कम करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं।

जीवन बीमा से भिन्न है एन्युटी

जीवन बीमा ‘बहुत युवा मरने’ के कारण परिवार के होने वाले वित्तीय जोखिम का खयाल रखता है जबकि एन्युटी योजना आरामदायक जीवन के लिए पर्याप्त पैसे के बिना ‘बहुत लंबे समय तक जिंदा रहने’ के वित्तीय जोखिम का खयाल करती है।

एन्युटी के प्रकार

कई प्रकार की एन्युटी योजनाएं हैं। मुख्य रूप से उन्हें लाभ के समय, लाभ की विविधता और लाभ के कवरेज के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है।

लाभ के समय

यदि कोई व्यक्ति एन्युटी भुगतान तुरंत प्राप्त करना चाहता है, तो उसे तत्काल वार्षिकी योजना यानी Immediate Annuity Plan खरीदना चाहिए। अगर वह एक निश्चित अवधि (आमतौर पर सेवानिवृत्ति के बाद) के बाद नियमित पेंशन भुगतान शुरू करना चाहता है, तो उसे स्थगित एन्युटी योजना यानी Deferred Annuity Plan लेना चाहिये। यह विकल्प उस समय की उम्र पर निर्भर करता है जिस समय पर वह एन्युटी खरीदने का निर्णय ले रहा है।


Immediate या Deferred Annuity Plan

अगर आपने अपना करियर अभी शुरू कर दिया है और सेवानिवृत्ति से बहुत दूर हैं तो डैफर्ड एन्युटी प्लान चुनना आपके लिये बेहतर हो सकता है क्योंकि अभी आपको नियमित पेंशन भुगतान की आवश्यकता नहीं है जब तक आप मासिक वेतन कमा रहे है। इमीजेट एन्युटी खरीदना किसी ऐसे व्यक्ति के लिये सही होगा जो अभी सेवानिवृत्त हो गया है और अब उसे वेतन के स्थान पर नियमित आय की आवश्यकता है। ऐसी स्थिति में, कोई व्यक्ति किसी भी एकमुश्त राशि का उपयोग करने पर विचार कर सकता है जिससे वह सेवानिवृत्ति पर प्राप्त करता है। उदाहरण के लिए इमीजेट एन्युटी खरीदने के लिए ग्रैच्युइटी या भविष्य निधि का पैसा दिया जा सकता है।

लाभ की विविधता

यदि एन्युटी राशि निश्चित है या गारंटीकृत तो इसे फिक्स्ड एन्युटी कहा जाता है। यदि यह योजना में निवेश के प्रदर्शन के आधार पर निर्धारित होती तो उसे वेरियेबल एन्युटी कहते है। कम जोखिम चाहने वाले व्यक्ति फिक्स्ड एन्युटी का चयन कर सकते हैं जहां रिटर्न कम हो सकता है लेकिन अनिश्चितता भी कम है, जबकि वेरियेबल एन्युटी में बाजार स्थितियों के आधार पर रिटर्न उपर नीचे हो सकता है और इसमें जोखिम की संभावना भी है।

लाभ के कवरेज

एक एन्युटी योजना एक (पति) या दो जिंदगियों (पति और पत्नी) को कवर कर सकती है। जहां एक व्यक्ति की मौत के बाद, दूसरे व्यक्ति को अपने जीवनकाल के लिए एन्युटी भुगतान मिलना जारी रहेगा। संयुक्त जीवन एन्युटी के मामले में पहले जीवन बीमाधारक को भुगतान किया जाता है। उसकी मृत्यु के बाद दूसरे बीमा धारक (पति / पत्नी) को एन्युटी मिलना जारी रहता है। दूसरे बीमा धारक के निधन पर एन्युटी का भुगतान रोक दिया जाता है।

तो यह थी हमारी कोशिश एन्युटी और पेंशन योजनायें कैसी होतीं हैं और उनके फीचर क्या होते हैं। एन्युटी एक जटिल और पेचिदा विषय है जिसे समझना आसान नहीं होता फिर भी हमारी कोशिश हमेशा यही रहती है कि ऐसे वित्तीय उत्पादों की चर्चा आसान हिंदी में करें जिससे अधिक से अधिक पाठक उनका लाभ के सकें।

 


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