Understanding Quarterly Results in Hindi

Understanding Quarterly Results in Hindi कैसे समझें तिमाही नतीजे आसान हिंदी में विस्तार से यहाँ जानिये.  आज आईटी यानी सूचना तकनीक की विशाल कम्पनी इन्फोसिस Infosys ने अपने  तिमाही नतीजे पेश किये। आइये जाने कि इन नतीजों को कैसे समझा जाये। जहां बैलेंस शीट (आपको जानकर हैरानी होगी कि बैलेंश शीट को हिंदी में चिट्ठा भी कहा जाता है)  कम्पनी की सेहत का आईना होती है वहीं प्रॉफिट एण्ड लॉस एकाऊंट (लाभ हानि खाता)  कम्पनी की प्रगति का मापक होता है। उपर दिये लिंक से आप इन्फोसिस के तिमाही नतीजे विस्तार से पीडीएफ फाईल में डाऊनलोड कर सकते हैं अथवा यहां दी हुई इमेज फाईल से इसे समझ सकते हैं।


Understanding Quarterly Results in Hindi
Understanding Quarterly Results in Hindi

हम यहां Understanding Quarterly Results in Hindi में आज केवल प्रॉफिट एण्ड लॉस एकाऊंट (लाभ हानि खाता) की बात करेंगे।

सबसे पहला मद है –

1.Income from Software services and  products ( सॉफ्टवेयर सेवाओं एवं उत्पादों से आय)अधिकतर इस जगह मद होती है कुल बिक्री से आय (Income from Total Sale) : यहां आपको मिलेगी कम्पनी द्वारा दी गई तिमाही में की गई माल अथवा सेवाओं की बिक्री की रकम। कम्पनी कितनी गति से बढ़ (Growth कर)  रही है यह इसी का सूचक है। यहां आप देखेंगे कि पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले इन्फोसिस लगभग 51%  बढ़ी है।


2. Software development Expenses (सॉफ्टवेयर संवर्धन लागत) अधिकतर इस जगह मद होती है कुल क्रय लागत: यहां आपको मिलेगी कच्चे माल अथवा सेवाओं की आपूर्ति पर खर्च की गयी रकम। यहां ध्यान देने योग्य बात यह है कि लागत की रकम यदि बिक्री की रकम के मुकाबले कम अनुपात में बढ़ती है तो यह कम्पनी के सेहत के लिये अच्छा है। यहां इन्फोसिस की लागत 53.89% से बढ़ी है।

3. Gross Profit (कुल लाभ) : कुल लाभ बिक्री और क्रय का अन्तर है। यहां कुल लाभ 47%  बढ़ा है।

4. Operating Expenses (प्रभावित खर्चे): यहां कच्चे माल के अलावा माल अथवा सेवाओं के उत्पादन पर किये गये अन्य सभी खर्चे लिये जाते हैं। ध्यान रहे कि यह खर्चे जरूरी नहीं कि माल के उत्पाद के अनुपात में ही बढ़ें। क्योंकि कुछ खर्चे जैसे कि बिलडिंग का किराया या स्टाफ की तन्ख्वाह का माल के उत्पाद से कोई सीधा संबंध नहीं होता है। यहां आने वाले मद इस पर भी निर्भर करते हैं कि कम्पनी किस क्षेत्र में कार्यरत है। इन्फोसिस के खर्चे 42% से बढ़े हैं।

5. Interest and Depreciation (ब्याज एवं अवमूल्यन):  इन खर्चों का उत्पादन प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं होता इसलिये इन्हे अलग से गिना जाता है। आयकर की गणना में भी इनका अलग से महत्व है। ब्याज उधार ली गई पूजी पर दिया जाता है। बड़ी पूंजीगत कम्पनियां जहां बड़ी रकम उधार की पूंजी से लगी होती है वहां इस मद का मह्त्व बढ़ जाता है और ब्याज की दरों में परिवर्तन कम्पनी के लाभ पर असरकारक हो सकता है। यहीं यह भी देखने वाली बात है कि जैसे जैसे कम्पनी अधिक लाभ कमा कर उधार चुकता करती जाती है ब्याज की रकम कम होती जाती है और लाभ बढ़ते जाते हैं। अवमूल्यन वास्तव में एक काल्पनिक खर्चा है और कम्पनी इसकी अदायगी नहीं करती।


6. Other Income (अन्य आय) : ध्यान रहे की छोटी और महत्वहीन सी यह रकम आपको बहुत बड़ा धोखा दे सकती है। कभी कभी कम्पनी अपने किसी पुराने निवेश, प्लांट अथवा सम्पत्ती को बेच कर मोटी रकम इस मद में कमा लेती है मगर इस मद में आई बढ़ोतरी वास्तव में कम्पनी की आय में स्थायी बढ़ोतरी नहीं करती। कई बार शुद्ध आय में असाधारण बढ़ोतरी देख कर आनन फानन में कोई शेयर खरीद लिया जाता है मगर यह जरूर जांच लेना चाहिये कि आय में यह बढ़ोतरी कम्पनी के वास्तविक कर्यकलापों के कारण हुई है या अन्य आय के द्वारा।

7. Net Profit (शुद्ध आय) : यह वो रकम है जो करों को चुकाने के बाद कम्पनी के पास बचती है। हर निवेशक का वास्ता इस रकम से होता है। इस रकम का एक हिस्सा निवेशक को लाभांश के रूप मे मिलता है और शेष कम्पनी की पूंजी में जमा हो जाता है यानी इसे कम्पनी के विस्तार, उधार चुकाने अथवा दूसरी कम्पनियों का अधिग्रहण करने के लिये प्रयोग किया जा सकता है। यहां इन्फोसिस के शुद्ध लाभ में 51% की वृद्धि हुई है।

अपडेट : नतीजों की इमेज बदल कर ऑडिटेड रिजल्ट्स की इमेज लगा दी गयी है. आंकड़ों और मदों में कुछ फर्क दिखेगा.

अगली बार देखेंगे EPS (प्रति शेयर आय), P/E ratio ( कोई सुझाये कि इसे हिंदी में क्या कहेंगे?) और इनका शेयरों की कीमत से संबंध।

यह था हमारा प्रयास Understanding Quarterly Results in Hindi आसान हिंदी में तिमाही नतीजे समझने का। आप भी कंपनी के नतीजे समझने की कोशिोश करें और टिप्स के आधार पर निवेश ना करके स्वंय की समझ पर विश्वास करना शुरू करें।

तो आज ही से शुरू कर दें कंपनियों के नतीजे पढ़ना और कोशिश करें उन्हें समझने की.


29 thoughts on “Understanding Quarterly Results in Hindi”

  1. Sir agr m kisi company me invest krna chah rh to isme mujhe kya kya savdani deni h ese 2 example se btaye jinme m balance sheet dekh k smjh sku k yha invest krna chahiye ya nhi….ek example wo ho jisme mujhe profit ho or ek wo jisme mujhe nuksan ho agr m invest krta..hu…….apke hi mjakiya andazz m agr ap rply kre to thanks ni to very very thanks

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