सेविंग अकाउंट और करंट अकाउंट में अंतर

सेविंग अकाउंट और करंट अकाउंट में अंतर क्या है, कौन सा खाता किस के लिये होता है और बचत खाते और चालू खाते के अलग अलग फीचर क्या हैं। ये दो प्रकार के खाते हैं जो विभिन्न उद्देश्यों को पूरा करने और विभिन्न प्रकार के उपयोगकर्ताओं की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्थापित किए गए हैं। चालू खाते और बचत खाते भारत के लगभग सभी प्रमुख बैंकों द्वारा पेश किए जाते हैं। आप के लिये कौन सा खाता सही है और अपने लिये खाता खुलवाने से पहले जान लें सेविंग अकाउंट और करंट अकाउंट में अंतर कोन से हैं।

सेविंग अकाउंट और करंट अकाउंट में अंतर
सेविंग अकाउंट और करंट अकाउंट में अंतर

सेविंग अकाउंट और करंट अकाउंट में अंतर

बचत खाता अमतौर पर किसी व्याक्ति की निजी बचत को जमा करवाने के लिये खुलवाया जाता है और चालु खाता व्यावसायिक आवश्यकताओं को पुरा करने के लिये खुलवाया जाता है। ये दोनों खाते एक दूसरे से विभिन्न पहलुओं में अलग हैं। ये खाते अपने ग्राहकों के लिये अलग अलग तरह की जरुरतों को पूरा करने के लिये खोले जाते हैं। सभी प्रकार के खातों के बारे में जानने के लिये बैंक खातों के प्रकार पढ़िये।

बचत खाता या चालू खाता

बचत खाता जिसे सेविंग अकाउंट भी कहते हैं, हमें बचत करने ओर उसे बैंक में सुरक्षित रखने में सहायता करता है और हमें इस पर ब्याज भी मिलता है। चालू खाता जिसे करंट अकाउंट भी कहते हैं व्यावसायिक गतिविधियों के लिये खोला जाता है जिसमें आप नियमित आधार पर लेन देन कर सकते हैं। करंट अकाउंट में कोई ब्याज नहीं मिलता है।

उद्देश्य

बचत खाता बचत को प्रोत्साहित करने और बढ़ावा देने के लिए खुलवाया जाता है जबकी चालू खाता नियमित या लगातार लेन-देन की सुविधा के लिए डिज़ाइन किया गया है।


कौन ले सकते हैं

बचत खाता किसी भी ऐसे व्यक्तियों के लिए आदर्श विकल्प है जो वेतनभोगी कर्मचारियों की तरह स्थिर या नियमित आय अर्जित करते है। इस प्रकार का खाता उन लोगों के लिए भी आदर्श है जिनके पास भविष्य की छुट्टी, शादी का खर्च, कार खरीदने जैसे कोई अल्पकालिक वित्तीय लक्ष्य है। चालू खाता व्यवसायियों, फर्मों, कंपनियों, संगठनों, सार्वजनिक उद्यमों आदि के लिये अधिक उपयुक्त है जिन्हें लगातार धन हस्तांतरण करने की आवश्यकता होती है।

ब्याज

बचत खातों पर आमतौर पर 4% से 6% के बीच ब्याज मिलता है। चूंकि ये खाते असीमित लेन-देन की अनुमति नहीं देते हैं, इसलिए समय के साथ अधिक धन जमा करना आसान होता है। चालू खातों के मामले में, बैंक आमतौर पर कोई ब्याज नहीं देते हैं। इस खाते की प्रकृति के कारण इसमें लगातार लेनदेन की अनुमति मिलती है।

न्यूनतम बैंलेंस

बचत खातों के लिए आवश्यक न्यूनतम शेष राशि आमतौर पर कम होती है। चालू खातों के लिए न्यूनतम बैंलेंस के रूप में अपेक्षाकृत अधिक राशि को बनाए रखने की आवश्यकता हो सकती है। कुछ बैंक कम फीचर वाले बचत खातों पर जीरो मिनिमम बैलेंस की भी सुविधा देते हैं।

यह था सेविंग अकाउंट और करंट अकाउंट में अंतर जिसे जानने के बाद आपको निर्धारित करने में आसानी होगी कि आपको अपने लिये किस तरह के खाते की आवश्यकता है


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