FD और SIP में अंतर क्या है और दोनों में से कौनसा निवेश बेहतर है। यदि आप भी निर्णय नहीं कर पा रहे हैं कि Fixed Deposit या SIP में से क्या लें और किस में निवेश करें तो यहां विस्तार से आसान हिंदी में बताते हैं कि FD और SIP क्या हैं, दोनों में क्या अंतर है और किस निवेशक को इनमें से किस योजना में निवेश करने चाहिये। यह दोनों भारतीय बाजार में उपलब्ध निवेश के बेहतरीन साधन हैं मगर दोनों में निवेश का तरीका, रिस्क, लिक्विडिटी और रिटर्न और आय अलग होती है।

SIP क्या है
एसआईपी यानि Systematic Investment Plan में एक निश्चित राशि को म्यूचुअल फंड की किसी योजना में नियमित रूप से निवेश किया जाता है। इसे व्यवस्थित निवेश योजना भी कह सकते हैं।आमतौर पर इसमें राशि का निवेश किसी इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीम में किया जाता है। यदि आप पहली बार म्यूचुअल फंड में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो SIP आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प है। व्यवस्थित निवेश योजनाओं के माध्यम से म्यूचुअल फंड में निवेश करने के कई फायदे हैं। यहाम पढ़ें कि SIP में निवेश द्वारा कैसे एक करोड़ रुपये बना सकते हैं।
SIP के फायदे
SIP निवेश योजनाओं में निवेश करने से आप अनुशासन के साथ निवेश करना सीखते हैं। आप एक निश्चित अवधि के लिए SIP में निवेश करके एक बड़ी राशि जमा कर सकते हैं। SIP या म्यूचुअल फंड में निवेश के में रिस्क जुड़ा होता है। मगर इनमें हाई रिटर्न कि उम्मीद भी की जा सकती है। निवेशकों द्वारा निवेश को आसानी से ट्रैक किया जा सकता है। यदि आप एक वर्ष से अधिक समय के लिए SIP में निवेश करते हैं, तो आप विभिन्न कर लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं। आप SIP के जरिए ओपन एंडेड फंड्स में निवेश करते हैं। इसका मतलब है कि आप किसी भी समय आसानी से पैसा निवेश कर सकते हैं या निकाल सकते हैं।
Fixed Deposit क्या है
फिक्स्ड डिपॉजिट गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, डाकघर और बैंकों में करवा सकते हैं। इसमें निश्चित अवधि के लिए निवेशक द्वारा एक निश्चित राशि का निवेश किया जाता है। यदि आप ऐसी जगह निवेश करना चाहते हैं जो सुरक्षित है और उच्च रिटर्न का आश्वासन देता है तो Fixed Deposit आपके लिए एक अच्छा विकल्प है। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और बैंकों द्वारा अल्पकालिक आवश्यकताओं और निवेशक की दीर्घकालिक आवश्यकताओं के अनुसार विभिन्न प्रकार की सावधि जमा की पेशकश की जाती है।
फिक्स्ड डिपॉजिट के फायदे
फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश के कई फायदे हैं जैसे कि सुनिश्चित उच्च रिटर्न और सुरक्षित निवेश विकल्प। निवेशक आसानी से जरूरत के हिसाब से समय अवधि और राशि का चयन कर सकते हैं। इस तरह से Fixed Deposit निवेशकों को लचीलापन प्रदान करते हैं। निवेशक किसी सावधि जमा को आसानी से बंद कर सकता है या किसी आपात स्थिति में सावधि जमा से राशि निकाल सकता है। अगर कोई निवेशक 5 साल के लिए टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करता है तो उसे टैक्स सेविंग का लाभ मिलता है।
FD और SIP में अंतर की तालिका
| FD | SIP | |
| रिटर्न | फिक्स्ड और गारंटीकृत रिटर्न | कोई गारंटी नहीं, शेयर बाज़ार के रिटर्न पर निर्भर |
| निवेश का तरीक़ा | एकमुश्त | हर माह निश्चित रकम |
| बंद करवाना | पीरियड समाप्त होने पर | कभी भी करवा सकते हैं |
| टैक्स | 5 साल के FD पर 80C का लाभ | ELSS पर 80C का लाभ |
अब हम दोनों में निवेश के अंतर को समझते हैं और देखते हैं कि किस निवेशक को किस योजना में निवेश करना चाहिये।
रिटर्न FD और SIP पर
FD में ब्याज की दर पूर्व निर्धारित होती है जबकि SIP में कितना रिटर्न मिलेगा यह शेयर बाजार में मिलने वाले रिटर्न पर निर्भर करता है और पहले से निर्धारित नहीं होता है। इस बात की संभावना अधिक है कि लंबी अवधि में निवेशित रहने पर SIP पर FD से आधिक रिटर्न मिलेगा मगर SIP में रिटर्न की गारंटी नहीं होती।
निवेश का तरीका
FD में एक ही बार एकमुश्त राशि का निवेश किया जाता है जो कि निश्चित अवधि के लिये होता है जबकि SIP में एक पूर्व निर्धारित राशि प्रति माह निवेश की जाती है। SIP के लिये ₹500 प्रति माह भी जमा करवाया जा सकता है।
लिक्विडिटी
कभी भी SIP को बंद करवाया जा सकता है और इसमें पड़े फंड को निकलवाया जा सकता है। फिक्स्ड डिपॉजिट निश्चित अवधि के लिये होता है और इसकी अवधि समाप्त होने पर आपको ब्याज सहित मूलधन मिल जाता है। आप अपने फिक्स्ड डिपॉजिट को अवधि समाप्त होने से पहले भी बंद करवा सकते हैं मगर इसके लिये आपको कुछ शुल्क देना पड़ सकता है। 5 साल के टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट को समय से पहले बंद नहीं करवा सकते।
टैक्स
यदि आप म्यूचुअल फंड में किये गये निवेश को एक साल से पहले बेच देते हैं तो आपको शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ सकता है। FD पर अब एक साल में ₹40000 तक के ब्याज पर टीडीएस नहीं काटा जाता है। 5 साल के लिए टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने पर 80 C का कर लाभ भी मिलता है। यदि ELSS में SIP करवाते हैं तो उसमें 80 C का लाभ मिलता है।
FD या SIP में से कहां निवेश करें
ऐसे निवेशक जिन पर परिवार की जिम्मेदारियां हैं और आय के साधन कम हैं या रिटायर्ड हो चुके हैं और अपने निवेश में किसी प्रकार का रिस्क नहीं लेना चाहते तथा गारंटी का रिटर्न चाहते हैं तो उन्हें फिक्स्ड डिपॉजिट के बारे में सोचना चाहिये। इसके विपरीत ऐसे निवेशक जो युवा हैं, रिस्क लेना चाहते हैं, लंबी अवधि तक निवेश रख सकते हैं और अपनी मासिक आय में से थोड़ा थोड़ा निवेश करना चाहते हैं वे SIP में निवेश कर सकते हैं।
यदि आप लंबी अवधि में किसी वित्तीय लक्ष्य को प्राप्त करना चाहते हैं और उसके लिये हर माह एक निश्चित राशि जोड़ना चाहते हैं तो आपके लिये SIP बेहतर विकल्प है।