Sensex क्या होता है और इसे कैसे गिनते हैं, इसका स्टॉक मार्किट में क्या महत्व होता है आसान हिंदी में विस्तार से जानिये. सेंसेक्स इंडेक्स की जानकारी, यह क्या होता है, इसे कैसे गिनते हैं, इसमें कितने शेयर होते हैं, मुक्त फ्लोट बाजार भारित सुचकांक कौन से होते हैं। साथ ही जानेंगे कि दुनिया भर के निवेशकों की इस पर नजर क्यों रहती है और इसका असर निजी निवेश पर कैसे पड़ता है यह सब विस्तार से यहां।

- Sensex Meaning in Hindi
- Sensex Full Form
- महत्वपूर्ण सूचकांक
- 30 शेयरों पर आधारित है Sensex
- Sensex का महत्व
- सेंसेक्स क्यों महत्वपूर्ण है?
- Sensex कैसे बनता है?
- कैसे गिनते हैं
- Sensex कैसे Calculate होता है?
- बाजार पूंजीकरण
- सेंसेक्स में शामिल कंपनियां
- सेंसेक्स बढ़ता क्यों है?
- सेंसेक्स गिरता क्यों है?
- दुनिया भर के निवेशकों की नज़र में Sensex
- निजी निवेश पर Sensex का असर
- क्या सेंसेक्स में निवेश कर सकते हैं?
- अन्य इंडेक्स
- Sensex vs Nifty
Sensex Meaning in Hindi
सेंसेक्स (Sensex) बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख शेयर बाजार सूचकांक (Index) है, जो BSE में सूचीबद्ध 30 बड़ी और मजबूत कंपनियों के शेयरों के प्रदर्शन को दर्शाता है।
इसे भारतीय शेयर बाजार का रिपोर्ट कार्ड भी कहा जाता है।
जब सेंसेक्स बढ़ता है तो इसका मतलब है कि बड़ी कंपनियों के शेयर बढ़ रहे हैं और जब सेंसेक्स गिरता है तो इसका मतलब है कि बाजार गिर रहा है।
सेंसेक्स (Sensex) बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख शेयर बाजार सूचकांक (Index) है, जो BSE में सूचीबद्ध 30 बड़ी और मजबूत कंपनियों के शेयरों के प्रदर्शन को दर्शाता है।
Sensex Full Form
Sensex का फुल फॉर्म है — Sensitive Index
यह शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है:
- Sensitive
- Index
इसका नाम स्टॉक मार्केट एक्सपर्ट दीपक मोहनी ने रखा था।
महत्वपूर्ण सूचकांक
सेंसेक्स Sensitive Index यानि संवेदी सूचकांक का संक्षिप्त रूप है. मुम्बई स्टाक एक्सचेंज Mumbai Stock Exchange के सर्वोच्च 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक को बीएसई 30 (BSE 30) या बीएसई सेंसेक्स BSE Sensex कहते हैं। Sensex की तरह Nifty भी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक है और वहां के पचास शेयरों पर आधारित है। यहां पढ़ें सेंसेक्स और निफ्टी में अंतर क्या हैं।
30 शेयरों पर आधारित है Sensex
यदि आप शेयर बाजार की जानकारी लेना चाहते हैं तो यह जानना बहुत आवश्यक है कि सेंसेक्स क्या होता है और इसे कैसे गिना जाता है. कोशिश करूँगा कि सेंसेक्स क्या होता है, इसका मतलब क्या है और इसे कैसे गिनते हैं इसकी जानकारी आपको आसान हिंदी में दूं. यहां आपको यह बता दें कि यह 30 शेयरों की सूची समय समय पर बदलती रहती है तथा मुम्बई शेयर बाजार आवश्यक्ता के अनुसार इस सूची में बदलाव करता रहता है मगर सूचकांक में कुल शेयरों की संख्या तीस ही रहती है।
Sensex का महत्व
एस एंड पी बीएसई सेंसेक्स (एस एंड पी बंबई स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक), मुम्बई शेयर बाजार में सूचीबद्ध 30 स्थापित और आर्थिक रूप से मजबूत कंपनियों के एक मुक्त फ्लोट बाजार भारित शेयर बाजार सूचकांक (free-float market-weighted stock market index) है। BSE में से सबसे बड़े और सबसे सक्रिय रूप से कारोबार करने वाले शेयरों में से ऐसी 30 कंपनियों को लिया जाता है जो कि भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करती हैं। तीस शेयरों के इसी इंडेक्स को सेंसेक्स कहते हैं.
1 जनवरी 1986 के बाद से प्रकाशित, BSE Sensex भारत में घरेलू शेयर बाजारों की नाड़ी के रूप में माना जाता है। एस एंड पी बीएसई सेंसेक्स का आधार मूल्य 1 अप्रैल 1979 के दिन से 100 के रूप में लिया और 1978-1979 इसका आधार वर्ष है।
सेंसेक्स क्यों महत्वपूर्ण है?
सेंसेक्स शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था की स्थिति समझने में मदद करता है।
सेंसेक्स महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि:
- इससे शेयर बाजार की दिशा पता चलती है
- अर्थव्यवस्था की स्थिति का अंदाजा लगता है
- निवेशकों का भरोसा दिखता है
- विदेशी निवेश का असर पता चलता है
- म्यूचुअल फंड और ETF इससे जुड़े होते हैं
Sensex कैसे बनता है?
सेंसेक्स BSE की 30 बड़ी कंपनियों से मिलकर बनता है।
इन कंपनियों का चयन कुछ आधार पर किया जाता है:
- कंपनी बड़ी हो (Large Market Cap)
- शेयर में रोज ट्रेडिंग होती हो
- कंपनी financially मजबूत हो
- कंपनी अलग-अलग सेक्टर से हो
- कंपनी का अच्छा track record हो
इन कंपनियों को समय-समय पर बदला भी जाता है।
कैसे गिनते हैं
जैसे कि Sensex in Hindi में मैनें बताया कि सेंसेक्स free-float market-weighted stock market index है. फ्री फ्लोट का आसान हिंदी में अर्थ होगा तैरने के लिए आजाद. किसी भी कंपनी के बाजार पूंजीकरण Market Capitalization का वह हिस्सा जो बिकने के लिए बाजार में उपलब्ध हो सकता है वह फ्री फ्लोट बाजार पूँजी होगी और उसी के आधार पर सेंसेक्स की गणना की जाती है. आम तौर पर प्रमोटरों का हिस्सा अथवा सरकार का हिस्सा पूँजी में से निकाल दें तो बाकी बची पूँजी बाजार में बिकने के लिए उपलब्ध हो सकती है.
Sensex कैसे Calculate होता है?
सेंसेक्स Free Float Market Capitalization Method से calculate होता है।
सरल भाषा में:
- कंपनी के कुल शेयर
- बाजार में ट्रेड होने वाले शेयर
- शेयर का वर्तमान price
इन सबके आधार पर सेंसेक्स की value निकलती है।
बाजार पूंजीकरण
इसे Market Cap या बाजार पूँजी भी कह सकते हैं. इसे कंपनी द्वारा कुल जारी शेयरों की संख्या को प्रति शेयर बाजार भाव से गुना करके प्राप्त किया जा सकता है. यदि एक कंपनी ने दस दस रुपये कीमत के एक लाख शेयर जारी किये हैं तो कंपनी की पूँजी हुई दस लाख रुपये. अब यदि इस कंपनी के एक शेयर की बाजार में कीमत साठ रु है तो कंपनी की Market Cap या बाजार पूँजी साठ लाख होगी.
बाजार पूँजी = कुल बकाया शेयर X प्रति शेयर बाजार भाव
1,00,000 X रु 60 = रु 60,00,000
अब यदि इस कंपनी में प्रमोटरों का हिस्सा 40 % है और पब्लिक का हिस्सा 60% है तो इस कंपनी में फ्री फ्लोट फैक्टर होगा 0.6 . यानि इंडेक्स की गणना के लिए इस कंपनी के बाजार पूँजी का 60% हिस्से का ही असर माना जाएगा.
इस प्रकार से पूरे इंडेक्स का free float market capitalization निकाला जाता है और उसे इंडेक्स विभाजक (index divisor) से विभाजित कर दिया जाता है. यह इंडेक्स विभाजक 1978-1979 के आधार वर्ष की बाजार पूँजी में हुई बढ़त पर आधारित होता है.
मान लीजिये आधार वर्ष में बाजार पूँजी थी 50000 और जिस दिन का इंडेक्स गिनना है उस दिन की बाजार पूँजी है 12000000 है तो इंडेक्स विभाजक होगा 100/50000 और इंडेक्स की गणना होगी 12000000 x 100/50000 = 24000.
सेंसेक्स में शामिल कंपनियां
सेंसेक्स में शामिल कंपनियाँ भारत की सबसे बड़ी और मजबूत कंपनियाँ होती हैं। ये कंपनियाँ अलग-अलग सेक्टर से आती हैं ताकि इंडेक्स पूरे बाजार का प्रतिनिधित्व कर सके। समय-समय पर BSE इन कंपनियों में बदलाव भी करता रहता है।
| क्रमांक | कंपनी का नाम | सेक्टर |
|---|---|---|
| 1 | Reliance Industries | Oil & Gas |
| 2 | TCS | IT |
| 3 | HDFC Bank | Banking |
| 4 | ICICI Bank | Banking |
| 5 | Infosys | IT |
| 6 | Hindustan Unilever | FMCG |
| 7 | ITC | FMCG |
| 8 | Bharti Airtel | Telecom |
| 9 | Larsen & Toubro | Infrastructure |
| 10 | State Bank of India | Banking |
| 11 | Axis Bank | Banking |
| 12 | Kotak Mahindra Bank | Banking |
| 13 | Asian Paints | Paint |
| 14 | Maruti Suzuki | Automobile |
| 15 | Tata Motors | Automobile |
| 16 | Tata Steel | Steel |
| 17 | Sun Pharma | Pharma |
| 18 | Dr Reddy’s Labs | Pharma |
| 19 | UltraTech Cement | Cement |
| 20 | NTPC | Power |
| 21 | Power Grid | Power |
| 22 | Mahindra & Mahindra | Automobile |
| 23 | Bajaj Finance | Finance |
| 24 | Bajaj Finserv | Finance |
| 25 | Nestle India | FMCG |
| 26 | Titan | Consumer |
| 27 | Wipro | IT |
| 28 | HCL Tech | IT |
| 29 | IndusInd Bank | Banking |
| 30 | Tech Mahindra | IT |
सेंसेक्स बढ़ता क्यों है?
सेंसेक्स बढ़ने के मुख्य कारण:
- कंपनियों का अच्छा profit
- अर्थव्यवस्था की growth
- ब्याज दर कम होना
- विदेशी निवेश आना
- सरकार की अच्छी नीतियाँ
- बाजार में सकारात्मक माहौल
सेंसेक्स गिरता क्यों है?
सेंसेक्स गिरने के मुख्य कारण:
- आर्थिक मंदी
- युद्ध या global crisis
- ब्याज दर बढ़ना
- महंगाई बढ़ना
- कंपनियों के खराब results
- विदेशी निवेश निकलना
दुनिया भर के निवेशकों की नज़र में Sensex
आज जबकि मुंबई स्टॉक एक्स्चेंज और नैशनल स्टॉक एक्स्चेंज की गिनती दुनिया के बड़े शेयर बाज़ारों में होती है तो इनके सूचकांक पर भी दुनिया भर के निवेशकों की नज़र रहती है। जबकि दुनिया भर की अर्थ व्यवस्थाएँ एक दूसरे पर व्यापक असर करतीं हैं इसीलिए दुनिया भर के निवेशक भी सभी बड़ी अर्थ व्यवस्थाओं पर निरंतर नज़र रखते हैं। हमारे देश में भी बड़ी मात्रा में विदेशी निवेश बाज़ारों में आता है।
निजी निवेश पर Sensex का असर
अब यदि आप ने भी बाज़ार में निवेश किया है और आपके पास अपना एक पोर्टफोलियो है तो आप बाजार पर निरंतर नज़र तो रखते ही होंगे। अब यदि आपके शेयरों की क़ीमत इंडेक्स के अनुपात में अधिक बढ़ी है तो आप जान जाएँगे कि आपके निवेश का प्रदर्शन अच्छा है। इसी प्रकार यदि आपके शेयरों की क़ीमत बाजार के इंडेक्स के अनुपात में कम बढ़ी है तो इसका मतलब आपके निवेश का प्रदर्शन बाजार के अनुपात में कम है। यदि आपका निवेश आपको Sensex के अनुपात में कम रिटर्न दे रहा है तो बेहतर है आप निवेश के लिए स्वयं शेयरों का चुनाव ना करके इंडेक्स में शामिल शेयरों में उनके अनुभार के अनुसार निवेश कर दें।
क्या सेंसेक्स में निवेश कर सकते हैं?
सेंसेक्स में सीधे निवेश नहीं किया जा सकता, लेकिन आप इन तरीकों से निवेश कर सकते हैं:
- Sensex Index Fund
- Sensex ETF
- Sensex की कंपनियों के शेयर खरीदकर
अन्य इंडेक्स
बाज़ार में मुख्य इंडेक्स Sensex के अलावा स्मॉल कैप इंडेक्स और मिड कैप इंडेक्स भी होते हैं जो कि अपनी श्रेणी के शेयरों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके अलावा सेक्टर इंडेक्स जैसे फ़ार्मा इंडेक्स या बैंकिंग इंडेक्स भी होते हैं जो कि अपने उद्योग में काम करने वाली कम्पनियों के शेयरों की गति का प्रतिनिधित्व करते हैं।
Sensex vs Nifty
| आधार | सेंसेक्स (Sensex) | निफ्टी (Nifty) |
|---|---|---|
| एक्सचेंज | BSE (Bombay Stock Exchange) | NSE (National Stock Exchange) |
| कंपनियों की संख्या | 30 | 50 |
| पूरा नाम | Sensitive Index | National Fifty |
| शुरुआत | 1986 | 1996 |
| प्रकार | Large Cap Index | Large Cap Index |
| कौन चलाता है | BSE | NSE |
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Updated: March 2026