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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज क्या है और इसके क्या काम हैं। यह कब बना और दुनिया के शेयर बाजारों के मुकाबले इसका क्या स्थान है। NSE यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की सरंचना, उद्देश्य और मुख्य कार्य। एनएसई पर किस तरह से काम होता है और किस तरह की प्रतिभूतियों का व्यापार होता है। NSE की जानकारी, इसका इतिहास और वर्तमान में अर्थव्यवस्था में इसका योगदान आसान हिंदी में। यहां पढ़ें निफ्टी क्या है और सेंसेक्स और निफ्टी में अंतर हमारी साइट पर।



NSE नेशनल स्टॉक एक्सचेंज

NSE यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज क्या है

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) भारत का सबसे बड़ा वित्तीय बाजार है। 1992 में स्थापित एनएसई एक परिष्कृत, इलेक्ट्रॉनिक तरीके से व्यापार करने वाला स्टॉक एक्सचेंज है। यह 2015 में इक्विटी ट्रेडिंग वॉल्यूम के अनुसार दुनिया में चौथे स्थान पर रहा। आज यह एक्सचेंज थोक ऋण, इक्विटी और डेरिवेटिव मार्केट में लेनदेन करता है। इसका लोकप्रिय बेंचमार्क निफ्टी 50 इंडेक्स है, जो भारतीय इक्विटी बाजार में सबसे बड़ी संपत्तियों को ट्रैक करता है।


अग्रणी स्टॉक एक्सचेंज

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) भारत का अग्रणी स्टॉक एक्सचेंज है और वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ एक्सचेंज (डब्लूएफई) की रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी से जून 2018 के पीरियड में यह पुरी दुनिया में सौदों की संख्या के अनुसार दूसरा सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। एनएसई ने 1994 में इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन-आधारित व्यापार लॉन्च किया, डेरिवेटिव ट्रेडिंग (इंडेक्स फ्यूचर्स के रूप में) और इंटरनेट ट्रेडिंग 2000 में शुरू करने वाला यह भारत में अपनी तरह का पहला एक्सचेंज था।

प्रौद्योगिकी में अग्रणी

एनएसई प्रौद्योगिकी में अग्रणी है और प्रौद्योगिकी में नवीनीकरण और निवेश की संस्कृति के माध्यम से अपने सिस्टम की विश्वसनीयता और प्रदर्शन को नियमित रूप से सुनिश्चित करता है। यहां पढ़ें शेयर बाजार में सर्किट ब्रेकर क्या है।

स्वचालित और बड़ा

NSE भारत में पहला आधुनिक और पूरी तरह से स्वचालित इलेक्ट्रॉनिक व्यापार प्रदान करने वाला स्टॉक एक्सचेंज है। भारतीय पूंजी बाजार में अधिक पारदर्शिता लाने के लक्ष्य के साथ भारतीय वित्तीय संस्थानों के एक समूह ने इसे स्थापित किया था। मार्च 2016 तक NSE कुल बाजार पूंजीकरण के आकार से दुनिया का 12 वां सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज बन गया था। इसका फ्लैगशिप इंडेक्स निफ्टी 50 इस एक्सचेंज पर सूचीबद्ध कुल बाजार पूंजीकरण के 63% का प्रतिनिधित्व करता है।

सूचकांक

निफ्टी 50 इंडेक्स के अलावा, NSE के बाजार सूचकांक विभिन्न बाजार पूंजीकरण, वॉलेटिलिटी, विशिष्ट क्षेत्रों और कारक रणनीतियों को ट्रैक करते है।

डेरिवेटिव्स और ईटीएफ व्यापार

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज भारतीय वित्तीय बाजारों में अग्रणी स्टॉक एक्सचेंज है पूरी तरह से डेरिवेटिव्स और ईटीएफ व्यापार को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से करता है। एक्सचेंज के 3,000 से अधिक वीएसएटी टर्मिनल हैं जिसके कारण एनएसई देश में सबसे बड़ा निजी वाइड-एरिया नेटवर्क है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग के लाभ

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज एक प्रमुख बाजार है जहां कंपनियां अपने शेयरों को सूचीबद्ध करने के लिये तैयार रहतीं है। यहां की व्यापारिक गतिविधि की बड़ी मात्रा और स्वचालित प्रणाली के अनुप्रयोग, व्यापार मिलान और निपटान प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता को बढ़ावा देते है। यह अपने आप में बाजार में निवेशक के आत्मविश्वास को बढ़ाता है। अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करने से ऑर्डर को अधिक कुशलता से निपटान की सुविधा मिलती है जिसके परिणामस्वरूप ट्रेडिँग में अधिक तरलता और सटीक कीमतें मिलतीं हैं।


भारत में सिक्योरिटी ट्रेडिँग का एक ऐसा आधार है NSE जिस पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिये। आधुनिक भारत के ऐसे संस्थान भारत के प्रगति और विकास के प्रतीक हैं।

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