सुकन्या समृद्धि योजना

सुकन्या समृद्धि योजना के नियम और लाभ यह योजना बेटियों के भविष्य के लिये पैसे जोड़ने के लिये सरकार द्वारा लघु बचत योजनाओं के अंतर्गत चलायी जा रही है। जानिये क्या हैं सुकन्या समृद्धि योजना के फायदे तथा कैसे और कहां शुरु कर सकते इसे। साथ ही जानिये इससे जुड़े नियम और अन्य फीचर। अन्य सभी जानकारियां जो कि आपको सुकन्या समृद्धि खाता खोलने से पहले पता होनीं चाहिये।

सुकन्या समृद्धि योजना
सुकन्या समृद्धि योजना

सुकन्या समृद्धि योजना

सुकन्या समृद्धि योजना के नए नियमों के बारे में आपको यह जानने की जरूरत है। ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ नामक अभियान के तहत लड़कियों के लाभ के लिए ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ शुरू की गई थी। इसे वर्ष 2015 में लॉन्च किया गया था और आज तक यह सफलतापूर्वक चल रही है। इस योजना की मदद से, सरकार लड़की की शिक्षा और उनके जन्म को प्रोत्साहित करना चाहता है। इसका मुख्य उद्देश्य लड़की की भविष्य की जरूरतों के लिए परिवार की बचत से एक उचित हिस्सा सुरक्षित करना है। आइए सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में जानें और इसके वर्ष 2018 में सरकार द्वारा जारी किये गये नए नियमों के बारे में भी जान लें।

कैसे खोलें खाता

सुकन्या समृद्धि योजना खाता खोलने के लिए, आप या तो डाकघर या चुने हुए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों पर जा सकते हैं। एक कानूनी अभिभावक / प्राकृतिक अभिभावक कन्या के नाम पर खाता खोल सकता है। न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम एक वित्तीय वर्ष में 1,50,000 रुपये इस खाते में जमा किये जा सकते हैं। राशी एकमुश्त में भी जमा करवा सकते हैं फिर भी एक वित्तीय वर्ष में जमा करवाने की संख्या पर कोई सीमा नहीं है।

एक अभिभावक एक लड़की के नाम पर केवल एक खाता खोल सकता है और दो अलग-अलग बच्चियों के नाम पर अधिकतम दो खाते खोल सकता है।
खाता केवल जन्म तिथि से 10 साल की उम्र तक खोला जा सकता है।

नियम

यदि किसी वित्तीय वर्ष में न्यूनतम राशी जमा नहीं की जाती है तो खाता बंद कर दिया जाएगा और उस वर्ष के लिए जमा राशि के लिए आवश्यक न्यूनतम राशि के साथ प्रति वर्ष 50 / – रुपये के दंड के साथ इस खाते को पुनर्जीवित किया जा सकेगा।

खाता खोलने की तारीख के समय से 14 साल तक खाते में पैसे जमा कर सकते हैं। 14 वर्षों के बाद जमा राशी पर लागू ब्याज दर से ब्याज जुड्ती रहेगी।


ब्याज दर

इस योजना पर वर्तमान ब्याज दर 8.5% प्रति वर्ष (1-10 -2018 से प्रभावी) जिसकी वार्षिक आधार पर गणना की जाती है और यह वार्षिक रूप से चक्रवृद्धी तरीके से गिनी जाती है। सरकार हर तिमाही नयी ब्याज दर की घोषणा कर सकती है।

टैक्स बचत

इंकम टैक्स की धारा 80 सी के तहत, जमा और परिपक्वता राशि दोनों पर आयकर से पूरी तरह छूट मिलती हैं। जानिये अन्य टैक्स सेविंग स्कीम कौन कौन सी हैं।

आंशिक निकासी

बच्ची की शिक्षा के लिये पिछले वित्तीय वर्ष के अंत में उपलब्ध बैलेंस में से 50% राशि बच्ची की 18 वर्ष की आयु होने के बाद निकाली जा सकती है। बशर्ते कि खाते को शुरू हुए 14 वर्ष पूरे हो गये हों।

खाता बंद करना

बच्ची की उम्र 21 साल होने के बाद खाता बंद किया जा सकता है। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाता खोलने की तारीख के समय से केवल 21 वर्ष तक वैध होगा। उसके बाद लड़की को पूरी राशि (जमा और ब्याज) का भुगतान किया जाएगा। यदि लड़की की शादी हो गयी हो तो 18 साल की समाप्ति के बाद खाते को बंद होने की अनुमति होगी।


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