Credit Card In Hindi क्रेडिट कार्ड क्या है कैसे काम करता है और इसके फायदे और नुकसान क्या हैं। यह शॉपिंग करने और ऑनलाइन पेमेंट करने में बहुत उपयोगी हो सकता है। What is Credit Card in Hindi. मगर जहां इसके फायदे हैं वहीं इसके नुकसान भी हैं। क्रेडिट कार्ड की जानकारी, यह कैसे काम करता है और इसे प्रयोग करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिये यह सब जानते हैं विस्तार से आसान हिंदी में। यहां पढ़ें डेबिट कार्ड क्या है और डेबिट कार्ड तथा क्रेडिट कार्ड में अंतर हमारी साइट पर।

Credit Card परिभाषा
क्रेडिट कार्ड एक वित्तीय कंपनी द्वारा जारी किया गया कार्ड है जो कार्डधारक को कार्ड पर जारी सीमा तक धन उधार लेने में सक्षम बनाता है। इसका उपयोग खरीदारी और सेवाओं के भुगतान के रूप में किया जा सकता है। ऐसा प्लास्टिक का कार्ड जिसे दिखा कर उधार खरीदारी की जा सके और भुगतान बाद में किया जाए उसे Credit Card कहते हैं। इसे जारी करने की शर्त यह है कि कार्डधारक उधार राशि और अतिरिक्त सहमत शुल्क यदि कोई हो तो उनका भुगतान करेगा। जारीकर्ता बैंक उधार की सीमा को निर्धारित करता है जोकि व्यक्ति की क्रेडिट रेटिंग और उधार चुकाने की क्षमता के आधार पर होती है।
- Credit Card = Spend now, Pay later
- Bank आपको एक limit देता है, उसी में खर्च करना होता है
- Time पर payment करने से interest नहीं लगता
Credit card एक pre-approved limit देता है जिससे आप purchases कर सकते हैं और बाद में repay करते हैं।
अगर पूरा bill time पर नहीं चुकाया तो interest लगता है और charges बढ़ सकते हैं।
सही use करने पर credit score improve होता है और rewards/cashback भी मिलते हैं।
Credit Card प्रयोग में आसान होता है
Credit Card के उपभोक्ताओं को साधारण लोन और क्रेडिट लाइन के अन्य रूपों की तुलना में अधिक ब्याज दर देना होता है। कार्ड से ली गई राशि पर ब्याज शुल्क आमतौर पर खरीद करने के एक महीने बाद शुरू होता है। यह उपभोक्ता वस्तुओं और सेवाओं के लिए भुगतान के सबसे लोकप्रिय रूपों में से एक हैं और लगभग हर व्यवसाय Credit Card के माध्यम से उत्पादों और सेवाओं का भुगतान स्विकार करता है।
फिक्स्ड डिपॉजिट के बदले भी
कई बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट के बदले में Credit Card जारी करते हैं। वे लोग जिनकी क्रेडिट रेटिंग अच्छी नहीं है वे फिक्स्ड डिपॉजिट के बदले में इन्हें ले सकते हैं। बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट की राशि के 90% तक की उधार सीमा के साथ इन्हें जारी कर सकते हैं। ऐसे Credit Card पर ब्याज की दर सामान्य क्रेडिट कार्ड से कम हो सकती है।
Credit Card पर ब्याज कितना लगता है
क्रेडिट कार्ड ग्राहक को मासिक स्टेटमेंट जारी करते हैं जिनमें उनके खरीद और प्रयोग का ब्यौरा दिया होता है। ग्राहक को देय तिथी तक भुगतान करना होता है। यदि ग्राहक देय तिथी तक पूरा भूगतान नहीं करता तो उसे ब्याज देना पड़ता है। आमतौर पर देय राशी पर बैंक 30% से 36% प्रतिशत वार्षिक दर तक ब्याज लेते हैं।
Credit Card कैसे काम करता है
क्रेडिट कार्ड को हम ऑनलाइन या ऑफ़लाइन प्रयोग कर सकते हैं। इसका ऑनलाइन उपयोग ई-कॉमर्स साइट्स से कुछ खरीदने या अपने बिलों का ऑनलाइन भुगतान करने के लिए कर सकते हैं। ऑफ़लाइन उपयोग दुकानों, होटलों या अन्य कई प्रतिष्ठानों में भुगतान करने के लिए किया जा सकता है।
ऑनलाइन खरीदारी
ऑनलाइन खरीदारी के लिए हमें कार्ड का नंबर, CVV, कार्ड की एक्सपायरी डेट और OTP की आवश्यक्ता होती है। जब भी आप ऑनलाइन खरीदारी करते हैं तो पेमेंट के लिए ई-कॉमर्स साइट्स आपको पेमेंट गेटवे की साइट पर भेजते हैं जहां आपको इन सब सूचनाओं को भरना होता है।
ऑफलाइन खरीदारी
जब आप दुकान, पेट्रोल पंप, रेस्टॉरेंट इत्यादि या किसी संस्थान में कुछ ख़रीदते हैं या कोई फ़ीस चुकाते हैं तो अपना क्रेडिट कार्ड काउंटर पर प्रस्तुत करते हैं। इन पेमेंट लेने वालों को सैलर या मर्चेंट कहा जाता है। मार्चेंट के पास POS मशीन होती है जिसमें वे कार्ड को डाल कर निकालते हैं। POS मशीन कार्ड में लगे चिप से सूचना पढ़ कर पेमेंट प्रोसेस करती हैं। इस मशीन में आपको कार्ड का PIN डालना होता है।
ATM पर पैसे निकालना
अधिकतर क्रेडिट कार्ड का उपयोग ATM से कार्ड पर दी गई कैश क्रेडिट लिमिट के जितने पैसे निकालने के लिए किया जा सकता है। लेकिन कार्ड कंपनियां ग्राहक के कैश एडवांस लेने पर ब्याज लेतीं हैं। कैश एडवांस पर ब्याज आमतौर पर मासिक बिलिंग तिथि के बजाय निकासी की तारीख से लिया जाता है। कई कार्ड कंपनियां नकद निकासी के लिए कमीशन भी लेतीं हैं।
Types of Credit Cards
फीचर, रिवार्ड और फ़ायदों के आधार पर कई तरह के Credit Card बैंकों द्वारा जारी किए जाते हैं। ग्राहक अपने प्रयोग और आवश्यक्ता के अनुसार अपने लिए क्रेडिट कार्ड चुन सकते हैं। बैंक जिन पेमेंट नेटवर्कों से मिल कर कार्ड इश्यू करते हैं वे हैं वीजा, मास्टर कार्ड, रुपे कार्ड, अमेरिकन एक्सप्रैस और डाइनर्स क्लब। मुख्य रूप से निम्न श्रेणियों में Credit Card जारी किए जाते हैं:
- फ्यूल क्रेडिट कार्ड
- बिजनेस क्रेडिट कार्ड
- क्लासिक
- कोब्रॉंडिड
- कॉंटेक्टलेस कार्ड
- प्रिपेड कार्ड
- ट्रेवेल क्रेडिट कार्ड
Fuel Credit Card
फ्यूल क्रेडिट कार्ड पर ग्राहक द्वारा पैट्रोल पंप पर ट्रांज़ेक्शन किये जाने पर फ़ायदा मिलता है। यह कार्ड ग्राहकों को कैशबैक ऑफर और पैट्रोल लेने पर अधिभार से छूट प्रदान करने में मदद करते हैं। कुछ बैंक फ्यूल ख़रीदने पर रिवार्ड पॉइंट भी देते हैं। इन रिवार्ड प्वाइंट्स को ईंधन भरने के लिए भुनाया जा सकता है।Fuel Credit Card पर मिलने वाले अन्य अतिरिक्त लाभों में एक्टिवेशन बोनस, फ़िल्मों की टिकटें, होटल के कूपन आदि शामिल हैं।
Business Credit Card
Business और Corporate Credit Card व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कॉर्पोरेट और अन्य वित्तीय संस्थानों को दिए जाते हैं जहां एंप्लॉयर अपने कर्मचारियों को क्रेडिट कार्ड प्रदान कर सकते हैं और कार्ड पर हुए ख़र्चों का हिसाब भी आसानी से रख सकते हैं। ये कार्ड कर्मचारियों द्वारा व्यक्तिगत लेनदेन के लिए उपयोग नहीं किए जा सकते हैं और केवल कंपनी के साथ उनके रोजगार की अवधि तक ही मान्य होते हैं। Corporate Card पर होटल के स्टे और ट्रेवेल पर रिवार्ड, इंश्योरेंस, फ़्यूल सरचार्ज पर छूट, एयरपोर्ट लाउंज का उपयोग, रिवार्ड कार्यक्रम, कैश एडवांस, ऐड-ऑन कार्ड, बिल भुगतान और खरीद को ईएमआई में बदलने के विकल्प मिलते हैं। कंपनियों को इन क्रेडिट कार्डों पर अपनी कंपनी का नाम छपवाने का विकल्प भी मिलता है।
Classic Credit Card
Classic Credit Card अंतर्राष्ट्रीय स्वीकृति के साथ आते हैं और इन पर रिवाल्विंग क्रेडिट, कैश अडवांस, ब्याज मुक्त क्रेडिट अवधि, रिवार्ड प्रोग्राम, एडऑन कार्ड, इंश्योरेंस और ग्राहकों के लिए समर्पित 24/7 कस्टमर केयर हेल्पडेस्क जैसी सुविधाएँ मिलतीं हैं। अधिकांश क्लासिक क्रेडिट कार्ड वार्षिक शुल्क या ज्वाइनिंग फीस नहीं लेते हैं
Co-Branded Credit Card
Co-Branded Credit Card बैंकों द्वारा रिटेल ब्रांड, ट्रैवल एग्रीगेटर या किसी अन्य वित्तीय संस्थान के सहयोग से पेश किए जाते हैं जिससे ग्राहकों को एक कार्ड के माध्यम से दोहरा लाभ मिलता है। सबसे सफल को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड रिटेल चेन्स के साथ जारी किए जाते हैं क्योंकि बैंक आसानी से रिटेल आउटलेट्स के ग्राहकों के माध्यम से अपने ग्राहक आधार का विस्तार कर सकते हैं। टाई-अप के आधार पर, सह-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड में रिटेल पार्टनर ब्रांड से छूट और ऑफर दे सकते हैं।
Contactless Credit Cards
Contactless Credit Cards एक अनूठी भुगतान तकनीक से लैस होते हैं । इसके कार्डधारक पीओएस टर्मिनलों पर अपने कार्ड को बिना छुआए पास ले जाकर कर भुगतान कर सकते हैं। इन संपर्क रहित लेनदेन से ग्राहकों को खरीदारी करने के लिए किसी भी पिन नंबर को दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती है।
Prepaid Credit Card
Prepaid Credit Card में कार्डधारक एक निश्चित राशि पहले लोड करते हैं और फिर खरीदारी करने के लिए उस पैसे का उपयोग करते हैं। भले ही ये कार्ड ग्राहकों को क्रेडिट प्रदान नहीं करते हैं, मगर ग्राहक क्रेडिट कार्ड के उन अधिकांश फीचर्स का फायदा उठा सकते हैं जो अन्य प्रकार के क्रेडिट कार्ड द्वारा प्रदान किए जाते हैं।
Travel Credit Card
Travel Credit Card बहुत लोकप्रिय हैं क्योंकि ये ग्राहकों को कई तरह के ट्रेवेल बेनिफिट प्रदान करते हैं। ये कार्ड न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी यात्रा करने पार लाभ प्रदान करते हैं। ज्यादातर बैंकों ने ट्रैवल क्रेडिट कार्ड की पेशकश के लिए एयरलाइन कंपनियों या ट्रैवल कंपनियों के साथ करार किया हुआ है। जब ग्राहक ट्रेवेल ट्रांजेक्शन करने के लिए इस कार्ड का उपयोग करते हैं, तो वे एयर माइल्स बना सकते हैं। इसके अलावा, कुछ ट्रैवल कार्ड ग्राहकों को हवाई अड्डे के लाउंज में एंट्री की सुविधा प्रदान करते हैं। ग्राहक इन कार्डों पर रिवार्ड प्वॉंईट कमाते हैं जिन्हें कि एयर माइल्स में परिवर्तित किया जा सकता है। इन एयर माइल्स का उपयोग फ्लाइट टिकट बुक करने और सीटों को अपग्रेड करने के लिए किया जा सकता है। ट्रैवल कार्ड में होटल और हॉलिडे ऑफर, गोल्फ ऑफर्स, डाइनिंग ऑफर, ट्रैवल इंश्योरेंस आदि भी मिल सकते हैं।
Credit Card से संबंधित शब्द और टर्म्स और Hindi में उनके अर्थ
यहां हम Credit Card से संबंधित शब्द और टर्म्स का मतलब बता रहे हैं। यदि आप क्रेडिट कार्ड के लिए एप्लाइ कर रहे हैं तो इन सब को समझना बेहतर रहेगा।
Joining Fee and Annual Charges
कुछ बैंक क्रेडिट कार्ड के लिए Joining Fee और Annual Charges लेते हैं। Card लेने से पहले देख लें क्योंकि कुछ कंपनियां नए ग्राहक पाने के लिए इन्हें माफ भी कर देतीं हैं।
Billing Cycle
Billing Cycle उस अंतराल को कहते हैं जिसमें एक स्टेटमेंट के बाद दूसरी स्टेटमेंट बनती है। अधिकतर यह समय 30 दिन का होता है। 30 दिन के बिलिंग सायकिल के बाद आमतौर पर 20 दिन पेमेंट करने के लिए मिलते हैं। इस प्रकार यदि बिलिंग सायकिल के पहले दिन खरीदारी की जाए तो पेमेंट करने के लिए बिना किसी शुल्क या ब्याज के 50 दिन तक का समय मिल सकता है। अलग अलग कार्ड के लिए यह पीरियड अलग अलग हो सकता है।
Grace Period
Grace Period उस समयावधी को कहते हैं जो कार्ड स्टेटमेंट बनने के दिन से ड्यू डेट के बीच होती है। इस अवधी में पूरी पेमेंट कर देने पर कोई ब्याज नहीं देना पड़ता है।
Minimum Due
कार्ड स्टेटमेंट में कुल ड्यू अमाउंट का एक हिस्सा देय तिथी से पहले Minimum Due या उससे अधिक अवश्य देना होता है। बाकी हिस्से को ब्याज के साथ अगली स्टेटमेंट में जोड़ दिया जाता है। Minimum Due नहीं देने पर जुर्माना लगता है।
Revolving Credit
क्योंकि हम कार्ड पर देय राशी का एक हिस्सा दे कर बाक़ी देय को अगली बिलिंग सायकिल के लिए टाल सकते हैं इसलिए क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाली इस सुविधा को Revolving Credit कहते हैं। यह एक तरह की बकाया राशि हस्तांतरण सुविधा है जिसका प्रयोग सोच समझ कर करना चाहिए।
Credit Limit
Credit Limit खर्च की वह सीमा है जितना एक कार्ड होल्डर खर्च कर सकता है। कार्ड कंपनियां इसे कार्डधारक की आय के अनुसार निर्धारित करतीं हैं। समय समय पर कंपनियां इस सीमा को बदल भी सकतीं हैं। Credit Limit समाप्त होने पर कार्ड धारक यदि पूरी या उससे कम पेमेंट कर देता है तो उसी के अनुसार Credit Limit फिर से उप्लब्ध हो जाती है।
Reward Points, Credit Points, Air Miles and Cashback
यह विभिन्न तरह के लॉयल्टी कार्यक्रम हैं जिन्हें कार्ड कंपनियाँ चलातीं हैं। इनका उद्देश्य ग्राहकों को अधिक से अधिक कार्ड का प्रयोग करने और कार्ड की सदस्यता को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना होता है।
Credit Card नंबर
यह सोलह अंकों का नंबर है जो आपके कार्ड पर उभरा हुआ होता है। ऑनलाइन ख़रीदारी करने के लिए इसकी आवश्यकता होती है। कार्ड पर यह नंबर उभरा हुआ होता है जिससे कि काग़ज़ की पर्ची पर इसकी छपाई की जा सके। आजकल क्योंकि काग़ज़ की पर्ची का प्रयोग नहीं होता है तो कुछ कार्डों पर कार्ड नंबर उभरा हुआ नहीं होता है।
CVV कोड
CVV का full form है Card Verification Value. तीन या चार अंकों का यह कोड कार्ड के पीछे सिग्नेचर पैनल के पास लिखा रहता है। इसका प्रयोग ऑनलाइन शॉपिंग के समय क्रेडिट कार्ड खाते को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करने के लिए किया जाता है। ऑनलाइन शॉपिंग के समय कार्ड नंबर, CVV कोड, कार्ड की एक्सपायरी डेट और OTP कि जरूरत होती है।
OTP नंबर
OTP का Full Form One Time Password होता है। जैसे ही आप ऑनलाइन शॉपिंग के समय अपने कार्ड की डिटेल डालते हैं तभी आपका बैंक आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP भेज देता है। यह भी आपकी सुरक्षा के लिए है क्योंकि आपका OTP आपके मोबाइल पर ही मिलता है और कुछ देर के लिए ही प्रयोग किया जा सकता है।

POS मशीन
जब आप ऑफलाइन ख़रीदारी करते हैं तो POS मशीन में मर्चेंट यानी दुकानदार आपके कार्ड को डाल कर आपकी पेमेंट की प्रक्रिया को पूरा करता है। आपको अपना PIN मशीन में डालना होता है। POS मशीन इंटरनेट या मोबाइल सिम के जरिए आपके कार्ड खाते से जुड़ जाती है और भुगतान की प्रक्रिया पूरी करती है।
सोच समझ कर करें उपयोग
Credit Card का उपयोग लेन देन को आसान बना देता है मगर इसका उपयोग सोच समझ कर ही करना चाहिये। क्योंकि कार्ड के उपयोग के समय हमें कोई भुगतान नहीं करना होता है, इस कारण हो सकता है कि खरीददारी करते समय हमें इस बात की और ध्यान ना जाये कि जब इसका बिल आयेगा तो हम उसे चुकता करने की हालत में होंगे या नहीं। इसीलिये इसका उपयोग सोच समझ कर और बेहद जरूरी होने पर ही करना चाहिये। क्रेडिट कार्ड के संयमित उपयोग को समझने के लिये हमारा लेख पैसे की बचत पढ़ें।
Credit Card (Features & Details Table)
| Parameter | Credit Card |
|---|---|
| Meaning | Bank द्वारा दिया गया एक financial tool जिससे आप उधार (credit) पर खर्च कर सकते हैं |
| Working | आप पहले खर्च करते हैं, बाद में bill pay करते हैं (monthly billing cycle) |
| Credit Limit | Bank द्वारा तय limit तक ही खर्च कर सकते हैं |
| Interest | Due date तक पूरा payment न करने पर interest लगता है |
| Interest-Free Period | 20–50 दिन तक बिना interest के repayment का मौका |
| Usage | Online shopping, bill payment, travel, dining आदि |
| Rewards | Cashback, reward points, discounts, offers |
| EMI Option | बड़े खर्च को EMI में convert कर सकते हैं |
| Cash Withdrawal | ATM से cash निकाल सकते हैं (charges लगते हैं) |
| Charges | Annual fee, late fee, interest, cash withdrawal fee |
| Credit Score Impact | Time पर payment करने से credit score improve होता है |
| Risk | गलत use करने पर debt trap में फंस सकते हैं |
| Best For | Convenience, rewards और short-term credit |