डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड में अंतर क्या है, दोनों कैसे काम करते हैं। इन दोनों तरह के कार्डों के फायदे क्या हैं और नुकसान क्या हैं। किस मौके पर इन कार्डों में से किसका प्रयोग करना सही रहेगा? कई स्थानों पर डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड दोनों ही स्वीकार किए जाते हैं मगर दोनों के प्रयोग में क्या अंतर है और कब मुझे कौन सा कार्ड प्रयोग करना चाहये। दोनों के अंतर को समझते हैं आसान हिंदी में।

डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड में अंतर – शॉपिंग में आसानी
क्या आप भी Debit Card और Credit Card में अंतर के बारे में सोच कर उलझन में है? इसका कारण है कि कई स्थानों पर डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड दोनों ही स्वीकार किए जाते हैं। वे दोनों शॉपिंग को आसान बना देते हैं और और नकदी ले जाने की आवश्यकता को खत्म कर देते हैं। दोनों दिखने में भी समान होते हैं। इन दोनों तरह के कार्डों के बीच मौलिक अंतर है कि कार्ड प्रयोग के समय पैसा कहां से लेते हैं। Debit Card इसे आपके बैंकिंग खाते से लेता है और Credit Card इसे आपके उधार के खाते में डाल देता है।
पैसा कहां से लेते हैं कार्ड
मान लीजिये आपने दुकान पर जा कर एक मोबाइल 10000 रुपये में खरीदा है। अब यदि आप ने Debit Card प्रयोग करते हैं तो 10000 रुपये सीधे आपके बैंक बचत खाते से निकल जायेंगे। अब यदि आप Credit Card का प्रयोग करते हैं तो 10000 रुपये आपके उधार खाते में चढ़ जायेंगे। क्रेडिट कार्ड कंपनी आपको इसका बिल भेज देगी और आपको बाद में इसकी पेमेंट करनी होगी।
Credit Card
अधिकांश क्रेडिट कार्ड कंपनियां भुगतान के लिये 30 दिन तक का समय अपने ग्राहकों को देतीं हैं। देय तिथी से पहले भुगतान ना करने पर ब्याज देना पड़ता है। क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दरें असाधारण रूप से ऊंची होतीं हैं। इसी से क्रेडिट कार्ड कंपनियां पैसे कमातीं हैं। सचेत उपभोक्ता हर महीने अपनी बैलेंस की राशि का भुगतान नियमित रूप से कर देते हैं।
उधार लेने की सुविधा
सभी क्रेडिट कार्ड एक तरह से उधार लेने की सुविधा प्रदान करते हैं। जब भी कोई लेनदेन के लिए क्रेडिट कार्ड का उपयोग करता है तो कार्डधारक उस क्रेडिट कार्ड कंपनी से धन उधार लेता है और उपयोगकर्ता को आपनी क्रेडिट कार्ड कंपनी को वह उधार चुकाना होता है।
Debit Card
दूसरी ओर डेबिट कार्ड में कोई उधार नहीं लेना होता हैं क्योंकि जब भी कोई भुगतान करने के लिए डेबिट कार्ड का उपयोग करता है, वह व्यक्ति वास्तव में अपने बैंक खाते में से पैसे निकाल रहा होता है। डेबिट कार्ड उपयोगकर्ता को किसी भी बाहरी पार्टी को पैसे नहीं देना पड़ता है, खरीद की कीमत को उसके अपने उपलब्ध बैलेंस में से निकाल लिया जाता था। विस्तार से डेबिट कार्ड के बारे में पढ़ें।
| Feature | Debit Card | Credit Card |
|---|---|---|
| पैसा कहां से आता है | सीधे आपके खाते से | बैंक आपको उधार देता है |
| खर्च की सीमा | जितना खाते में बैलेंस हो | जितनी कार्ड पर लिमिट हो |
| ब्याज | कोई ब्याज नहीं लगता | समय पर भुगतान नहीं किया तो ब्याज देना होगा |
| बिल का भुगतान | कोई बिल नहीं, पैसा तुरंत कट जाता है | हर महीने आता है बिल |
| क्रेडिट स्कोर | क्रेडिट स्कोर पर कोई असर नहीं | क्रेडिट स्कोर बना या बिगाड़ सकता है |
| कहां प्रयोग करें | दैनिक खर्चे | बड़े खर्चे |
| रिस्क | कम रिस्क | ज्यादा खर्च किया तो फँस सकते हैं |
यदि आप खर्चों पर नियंत्रण नहीं रख पाते तो जब भी संभव हो तो अपने डेबिट कार्ड का उपयोग करना बेहतर विकल्प है। क्योंकि यह आपको गलती से क्रेडिट कार्ड के उधार में फंसने से रोक देगा। अपनी फिजूलखर्ची की आदतों को कम करने के लिये हमारा लेख पैसा बचाने के तरीके अवश्य पढ़ें।
डेबिट कार्ड और क्रैडिट कार्ड की अपनी अपनी अच्छाईयां और बुराईयां हैं। आप यदि संयम और समझ के साथ इनका उपयोग करते हैं तो इनका अच्छे से लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
UPI के प्रचलन से डेबिट कार्ड का उपयोग तो कम हो गया है मगर UPI तेजी से पेमेंट करने का विकल्प बन गया है और डेबिट कार्ड का मुख्य काम ATM से पैसा निकालना ही बच गया है।