Bonus in Life Insurance जीवन बीमा में बोनस

Bonus in Life Insurance जीवन बीमा में बोनस कैसे गिनते हैं, यह क्या होता, किन पॉलिसियों पर इसका भुगतान किया जाता है और कब। साथ ही समझेंगे इंश्योरेंस पर मिलने वाला बोनस कितने प्रकार का होता है कब और कैसे दिया जाता है। बीमा कंपनियां बोनस कब घोषित करतीं हैं और इनका भुगतान कैसे किया जाता है। जीवन बीमा में बोनस कैसे मेच्योरयटी वैल्यू या डैथ बेनेफिट को बढ़ा सकता है, यह सब जानेंगे आसान हिंदी में। आप विस्तार से हमारी साइट पर बीमा के बारे में पढ़ सकते हैं। Bonus in Life Insurance and how it is calculated and added to the insurance benefit.

जीवन बीमा में बोनस
Bonus in Life Insurance जीवन बीमा में बोनस

बोनस क्या होता है

बोनस वह अतिरिक्त राशि या इनाम है जिसे एक व्यक्ति मूल राशि से अधिक प्राप्त करने का हकदार होता है। उसी तरह बीमा में भी कंपनियां बीमाधारकों को बोनस का भुगतान करतीं हैं। बोनस वह अतिरिक्त राशि है जो किसी भी बीमा पॉलिसी में सालाना आधार पर जमा की जाती है जिसे पॉलिसीधारक को योजना की परिपक्वता या उसकी मृत्यु के होने पर भुगतान की जाती है।

किसे मिलता है बोनस

यह किसी पॉलिसी के समापन पर उस पॉलिसी की अवधि के वर्षों के सभी प्रीमियमों के सफल भुगतान होने पर ही किया जाता है। बोनस प्राप्त करने के लिए यह अनिवार्य है कि आपकी बीमा पॉलिसी योजना ‘With Profits’ यानी लाभ सहित होनी चाहिए जिसे सहभागिता योजना या Participatory Policy के रूप में भी जाना जाता है। अधितकतर एंडॉमेंट प्लान और मनी बैक प्लान इस श्रेणी में आते हैं फिर भी पॉलिसी लेने से पहले इसकी जांच अवश्य कर लें।

बोनस कैसे गिनते हैं

पॉलिसीधारकों द्वारा दिए गए सभी प्रीमियम बीमा कंपनी के कॉर्पस में जमा हो जाते हैं, जिसका उपयोग वे बीमा के क्लेम के भुगतान में करते हैं। इस फंड का एक बड़ा हिस्सा सरकारी ऋण उपकरणों में निवेश किया जाता है और संभावित लाभ प्राप्त करने के लिए शेयर बाजार में थोड़ा हिस्सा निवेश किया जाता है। निवेश पर प्राप्त इसी लाभ को संभावित क्लेम घटाने के बाद जब लाभ सहित पॉलिसियों के बीमाधारकों को बांट दिया जाता है उसे बोनस कहते हैं। जीवन बीमा में बोनस की घोषणा कई घटकों और बीमा प्लान की सरंचना को ध्यान में रखते हुए की जाती है। मान लीजिये आपने ₹5000 प्रतिवर्ष प्रीमियम पर बीस साल के लिये ₹100000 का सम एश्योर लिया है। पहले साल यदि बीमा कंपनी 4% का बोनस घोषित करती है इस पॉलिसी में ₹4000 का बोनस जुड़ जायेगा। फिर चाहे आपने केवल एक ही प्रीमियम का भुगतान क्यों ना किया हो। बीमा कंपनियां प्रति हजार सम एश्योर की घोषणा करतीं हैं तो 4% का मतलब ₹40 प्रति हजार होगा।

प्रकार

जीवन बीमा पॉलिसियों पर घोषित होने वाले बोनस कई प्रकार के हो सकते हैं। इनमें से कुछ जो अधिक प्रचलित हैं उनके बारे में आपको यहां बताते हैं।


साधारण रिवर्सनरी बोनस

इस प्रकार का बोनस हर साल बीमा राशी में अलग से जुड़ता जाता है मगर बोनस केवल बीमा राशी पर ही दिया जाता है, पहले से जुड़े बोनस पर नहीं।

कंपाउंड रिवर्सनरी बोनस

इस प्रकार के बोनस में गणना चक्रवृद्धी ब्याज की गणना की तरह की जाती है। इस प्रकार के बोनस में, बोनस को बीमा राशि और पिछले सभी जमा बोनस पर प्रतिशत के रूप में गिना जायेगा। प्रत्येक वर्ष का बोनस बीमा राशि में जोड़ा जाता है और अगले वर्ष का बोनस नई बढ़ी हुई राशि पर निर्धारित होता है।

टर्मिनल बोनस

जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, टर्मिनल बोनस को एक बार भुगतान किया जाता है यानी पॉलिसी की परिपक्वता के समय। परिपक्वता तक पॉलिसी बनाए रखने के लिए पॉलिसीधारक को दिया गया यह वफादारी बोनस है। इसकी कीमत की गारंटी नहीं है और केवल पॉलिसी परिपक्वता के समय ही इसकी घोषना की जाती है।

ये थी जीवन बीमा में बोनस कैसे गिनते हैं और विभिन्न प्रकार के बोनसों की जानकारी Bonus in Life Insurance में। यह सलाह दी जाती है कि आपको पॉलिसी पर कैसा बोनस मिलेगा इसकी जांच पॉलिसी लेने से पहले जरूर कर लें। यह योजना के ब्रोशर में स्पष्ट रूप से लिखा होगा या आप बीमा कंपनी के एजेंट से इसकी पुष्टि कर सकते हैं। अपनी पॉलिसी की पिछली बोनस दर भी देखें जिससे अपको इसमें मिलने वाले लाभौं की स्पष्ट जानकारी मिलेगी। पूरी तरह एजेंट पर निर्भर ना रह कर स्वयं ब्रोशर पढ़ें या बीमा कंपनी की साइट पर जा कर जानकारी प्राप्त करें।


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