Life Insurance में किसे Nominee बनायें और क्यों जरूरी है इंश्योरेंस में नॉमिनेशन यह जानना बहुत जरूरी है। जब भी कोई जीवन बीमा लेता है तो उसे इसके लिये किसी को नामित करना होता है जिसे कि बीमाधारक की मृत्यू होने पर बीमा क्लेम की राशी दी जा सके। अपने नामित व्यक्ति का चुनाव सोच समझ कर करना चाहिये और समय रहने पर यदि आवश्यक हुआ तो उसमें बदलाव भी किया जाना चाहिये। आसान हिंदी में समझते हैं कि परिवार में किन लोगों को बीमा के लिये नामित किया जा सकता है और ऐसा करते समय किन बातों का ख्याल रखना जरूरी है। बीमा के अन्य सभी पहलुओं को जानने के लिये लेख बीमा पढ़ें हमारी साइट पर। आईये जानें जीवन बीमा में किसे नामित करें और क्यों।

कैसे चुनें अपने Life Insurance के लिए Nominee
Life Insurance में किसे Nominee बानायें और क्यों जरूरी है इंश्योरेंस में नॉमिनेशन यह जानना बहुत जरूरी है। जब भी कोई जीवन बीमा लेता है तो उसे इसके लिये किसी को नामित करना होता है जिसे कि बीमाधारक की मृत्यू होने पर बीमा क्लेम की राशी दी जा सके। अपने नामित व्यक्ति का चुनाव सोच समझ कर करना चाहिये और समय रहने पर यदि आवश्यक हुआ तो उसमें बदलाव भी किया जाना चाहिये। आसान हिंदी में समझते हैं कि परिवार में किन लोगों को बीमा के लिये नामित किया जा सकता है और ऐसा करते समय किन बातों का ख्याल रखना जरूरी है। बीमा के अन्य सभी पहलुओं को जानने के लिये लेख बीमा पढ़ें हमारी साइट पर। आईये जानें जीवन बीमा में किसे नामित करें और क्यों। Nomination in Life Insurance in Hindi and its importance with details.
Life Insurance में Nominee क्यों है जरूरी
Nomination in Life Insurance जीवन बीमा आपके बाद आपके आश्रितों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करता है। यह आपको और आपके परिवार के सदस्यों की सुरक्षा देता है। पॉलिसीधारक के दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यू हो जाने पर नामांकित व्यक्ति को मुआवजे के रूप में एकमुश्त भुगतान किया जाता है। एकमुश्त राशि जिसे सम एश्योर्ड भी कहते हैं वह राशि है जिसका निर्धारण बीमा लेते समय ही कर लिया जाता है। बाद में किसी विचाद से बचने के लिये बीमा लेते समय फार्म में नामित व्यक्ति का नाम भरना जरूरी है। यहां पढ़ें हेल्थ इंश्योरेंस के बारे में हमारी साइट पर।
Life Insurance में कैसे बनाया जाता है नॉमिनी
बीमा धाराक अपनी पॉलिसी के लिये Nominee या नॉमिनी अथवा नामित व्यक्ति का निर्धारण स्वंय करता है। नामित व्यक्ति का पूरा ब्यौरा सावधानी से भरा जाना चाहिये। आप अपने माता, पिता, पति, पत्नी, बेटे या बेटी को नामित कर सकते हैं। यदि आप किसी दूर के रिश्तेदार को नामित करते हैं तो बीमा कंपनी आप से इसका कारण पूछ सकती है और बीमा के निवेदन को रिजेक्ट भी कर सकती है। इसके पीछे कारण यह है कि जीवन बीमा आर्थिक सुरक्षा के लिये करवाया जाता है इसीलिये नामित व्यक्ति बीमा धारक पर आर्थिक रूप से आश्रित होना चाहिये। यहां पढ़ें Term Insurance के बारे में हमारी साइट पर।
नॉमिनेशन के फायदे
नामांकन के द्वारा बीमाधारक मृत्यू हो जाने पर डैथ क्लेम लेने के लिये व्यक्ति को नामांकित करता है। डैथ क्लेम में सम एश्योर्ड और प्लान में घोषित बोनस दिया जाता है। नामांकन सुविधा जीवन बीमा के मुख्य उद्देश्य को पूरा करती है। बीमा अनुबंध पॉलिसीधारक के हितों की रक्षा करता है। पॉलिसीधारक के दुर्भाग्यपूर्ण निधन के मामले में, लाभार्थी यानी नामांकित व्यक्ति को वित्तीय लाभ प्राप्त होता है। मृत्यु लाभ के भुगतान के बाद अनुबंध समाप्त हो जाता है।
अवयस्क का नॉमिनेशन
अवयस्क व्यक्ति को भी नामित कर सकते हैं मगर इसके लिये बीमाधारक को एक एप्वॉंयटी भी नियुक्त करना होगा। अवयस्क के 18 साल तक पहुंचने से पहले यदि बीमाधारक की मृत्यू हो जाती है ति क्लेम एप्वॉंयटी को मिल जाता है। यदी नामित व्यक्ति स्वयं 18 से अधिक आयू का हो जाये तो क्लेम उसे मिल जाता है।
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ध्यान रखने योग्य बातें
बीमाधारक परिवार में ऐसे व्यक्ति का चुनाव कर सकता है जो उसके ना रहने पर परिवार के बाकी सब सदस्यों की देखभाल कर सके और उनके हितों की रक्षा कर सके। बीमा धाराक एक से ज्यादा लोगों को भी नामित कर सकता है। क्लेम राशि नामित व्यक्तियों में बीमाधारक के बताये गये अनुपात के अनुसार बांटी जा सकती है। नामित व्यक्ति को कभी भी पॉलिसी अवधि में बीमाधारक द्वारा बदला जा सकता है। ध्यान रहे कि नामित व्यक्ति की डिटेल सही तरह से भरी गयी हो। यदि नामित व्यक्ति का पता बदल गया है तो उसे जरूर अपनी पॉलिसी में अपडेट करवा लिया जाना चाहिये।