प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना इसके लाभ, महत्व और संरचना। PMFBY नाम से जानी जाने वाली इस योजना के बारे में जानकारी, इसका उद्देश्य क्या है, इसे कौन लागू करता है और इसके फायदे क्या हैं। कौन कौन सी बीमा कंपनियां प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लागू करतीं हैं और इसमें कौन कौन सा जोखिम शामिल है इस सब की जानकारी यहां दे रहे हैं आसान हिंदी में। यहां पढ़ें सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में हमारी साइट पर।

- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य
- क्रियान्वयन एजेंसी
- कैसे काम करता है
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल फसलें
- कौन से किसान ले सकते हैं Fasal Bima Yojana
- Pradhanmantri Fasal Bima Yojana में शामिल जोखिम
- अधिसूचित क्षेत्र के आधार पर खड़ी फसलों को नुकसान
- बुआई ना हो पाना
- कटाई के बाद हानि
- Fasal Bima Yojana में जो रिस्क शामिल नहीं हैं
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) – पूरी जानकारी Table
- Quick Summary
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य
इस योजना का उद्देश्य है किसानों को उनकी फसल के प्राकृतिक आपदाओं के परिणामस्वरूप खराब होने या कीट और बीमारियां की वजह से नष्ट हो जाने की स्थिति में भारत सरकार द्वारा बीमा कवरेज और वित्तीय सहायता प्रदान करना। साथ ही यह सुनिश्चित करना कि किसानों की खेती से आय बनी रहे जिससे कि वे निरंतर खेती में अपना कार्य सुचारू रूप से चला सकें। इसका उद्देश्य किसानों को खेती के नये और आधुनिक तरीके अपनाने के लिये प्रोत्साहित करना भी है। यहां पढ़ें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के बारे में विस्तार से।
क्रियान्वयन एजेंसी
Pradhanmantri Fasal Bima Yojana को कुछ चुनी हुई बीमा कंपनियों द्वारा भारत सरकार और कृषी मंत्रालय की देखरेख में चलाया जाता है। इसे चलाने वाली बीमा कंपनियां हैं
- आईसीआईसीआई-लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
- एचडीएफसी-ईआरजीओ जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
- इफको-टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
- चोलामंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
- बजाज एलियांस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
- रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
- फ्यूचर जनराली इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
- टाटा-एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
- एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
- यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
कैसे काम करता है
Pradhanmantri Fasal Bima Yojna में बीमा की इकाई नोटीफाईड एरिया के अनुसार निर्धारित की जाती है। ऐसा माना जाता है एक नोटीफाईड एरिया में प्रति हेक्टेयर फसल की लागत सभी किसानों के लिये एक सी होगी और किसी प्राकृतिक आपदा की स्थिती में सभी को एक सा नुकसान हुआ होगा। नोटीफाईड एरिया का निर्धारण पंचायत या गांव के क्षेत्र के आधार पर हो सकता है। यहां पढे़ं आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के बारे में विस्तार से।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल फसलें
PMFBY योजना में वे सभी फसलें शामिल हैं जिनका आमतौर पर उत्पादन होता है और उनकी लागत और आय का पिछला ब्यौरा उपलब्ध है।
कौन से किसान ले सकते हैं Fasal Bima Yojana
वे सभी किसान जो कि नोटीफाईड एरिया यानि अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसलों का उत्पादन कर रहे हैं।
Pradhanmantri Fasal Bima Yojana में शामिल जोखिम
इस योजना में फसल के नुकसान के लिये जिम्मेदार निम्नलिखित जोखिमों को शामिल किया गया है
अधिसूचित क्षेत्र के आधार पर खड़ी फसलों को नुकसान
गैर-रोकथाम वाले जोखिमों के कारण उपज हानि को कवर करने के लिए भी जोखिम बीमा प्रदान किया जाता है
जैसे कि प्राकृतिक आग और बिजली, तूफान, गड़गड़ाहट, चक्रवात आदि, सूखा, बाढ़, भूस्खलन और कीट से नुकसान या अन्य कोई रोग।
बुआई ना हो पाना
किसी अनुसूचित क्षेत्र में यदि आधिकतर किसान खराब मौसम की वजह से बुआई नहीं कर पाते तो बीमा राशि का 25% पाने के अधिकारी होंगे।
कटाई के बाद हानि
कटाई के 14 दिन बाद तक काट कर सूखने के लिये फैला कर रखी गई फसल यदि तूफान बारिश की वजह से खराब हो जाती है तो उस नुकसान की भरपाई भी इस योजना के अंतर्गत शामिल है।
Fasal Bima Yojana में जो रिस्क शामिल नहीं हैं
निम्नलिखित खतरों से उत्पन्न जोखिम और हानि को बीमा से बाहर रखा गया है:
युद्ध और इससे जुड़े खतरे, परमाणु जोखिम, दंगे, दुर्भावनापूर्ण क्षति, चोरी, शत्रुता का कार्य, चरागाह या घरेलू या जंगली जानवरों द्वारा नुकसान। और कटाई के बाद के नुकसान के मामले में यदि कटाई की फसल बंडल और थ्रेसिंग से पहले एक जगह पर ढेर बना कर रखी गई हो तो।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) – पूरी जानकारी Table
| आधार (Basis) | विवरण (Details) |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) |
| शुरू कब हुई | 18 फरवरी 2016 |
| उद्देश्य | फसल नुकसान पर किसानों को आर्थिक सहायता देना और आय को स्थिर रखना |
| योजना का प्रकार | सरकारी फसल बीमा योजना |
| कौन आवेदन कर सकता है | सभी किसान (loanee, non-loanee, tenant, sharecropper) |
| कवर की जाने वाली फसलें | खाद्यान्न, दलहन, तिलहन, commercial और horticulture crops |
| कवर किए गए जोखिम | सूखा, बाढ़, तूफान, ओलावृष्टि, कीट और बीमारियां |
| कवरेज अवधि | बुवाई से लेकर कटाई और post-harvest तक |
| प्रीमियम (किसान हिस्सा) | खरीफ: 2% रबी:1.5% व्यावसायिक/बागवानी: 5% |
| प्रीमियम सब्सिडी | बाकी प्रीमियम सरकार देती है |
| लाभ (Benefits) | फसल नुकसान पर मुआवजा, आय सुरक्षा, खेती जारी रखने में मदद |
| आवेदन कैसे करें | बैंक, CSC center या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए |
| योजना का स्टेटस | अभी भी active (India की सबसे बड़ी crop insurance scheme) |
Quick Summary
- खेती करने वाले लगभग सभी किसानों के लिए useful है
- यह scheme किसानों को natural disasters + pests से protection देती है
- सबसे बड़ी खासियत: बहुत कम premium + high coverage
- सरकार premium का बड़ा हिस्सा देती है → इसलिए affordable है