बीमा क्या है, इसके प्रकार, महत्व आौर लाभ विस्तार से हिंदी में जानिये साथ ही जानिये इसके तकनीकी पहलू और इतिहास। जीवन और साधारण बीमा कौन कौन से होते हैं, सुरक्षा के लिये क्यों जरुरी है यह, क्या हैं इसके लाभ और कैसे मिलती है इंश्योरैंस के प्रीमियम पर करों से छूट। क्या है इंश्योरैंस की परिभाषा और इसके सिद्धांत। यह एकमात्र वित्तीय साधन है जो आपको अपने वित्तीय जोखिमों को आसानी से प्रबंधित करने और आपकी वित्तीय चिंताओं को कम करने में मदद करता है। इस लेख में बीमा की जानकारी, इंश्योरैंस क्या है और इससे जुडे़ सभी पहलुओं को जानेंगे आसान भाषा में।

बीमा पॉलिसी बॉंड द्वारा किया गए उस समझौते को कहते है जिसमें एक व्यक्ति या इकाई को बीमा कंपनी से बीमित व्यक्ति अथवा संप्पति की सांभावित हानी के खिलाफ वित्तीय सुरक्षा मिलती है।
- बीमा की परिभाषा
- बीमा का इतिहास
- Main Insurance Companies बीमा क्षेत्र के मुख्य खिलाड़ी
- जीवन बीमा और साधारण बीमा
- साधारण बीमा के प्रकार
- जीवन बीमा के प्रकार
- सुरक्षा के लिए ज़रूरी
- निवेश के लक्ष्यों के लिये
- महिलाओं के लिये भी जरुरी
- प्रीमियम का निर्धारण
- कैसे लें जीवन बीमा
- सम एश्योर्ड
- नॉमिनेशन
- जीवन बीमा का क्लेम
- टैक्स में छूट
बीमा की परिभाषा
बीमा पॉलिसी बॉंड द्वारा किया गए उस अनुबंध को कहते है जिसमें एक व्यक्ति या इकाई को बीमा कंपनी से घाटे के खिलाफ वित्तीय सुरक्षा मिलती है। बीमा कंपनी सभी बीमाधारकों से प्रीमियम ले कर धन इक्कठा करती है जिसमें से ग्राहकों के जोखिम का भुगतान किया जाता है। इंश्योरैंस पॉलिसियों का उपयोग किसी ऐसे बड़े या छोटे वित्तीय घाटे के जोखिम के खिलाफ बचाव के लिए किया जाता है जो बीमित व्यक्ति या उसकी संपत्ति को नुकसान पहुंचा सकता है या ऐसा घाटा जो किसी तीसरे पक्ष के कारण होने वाली क्षति या चोट से हो सकता है।
बीमा का इतिहास
व्यापारिक इतिहास दो हिस्सों में बंटा है, पहला जब वस्तुओं के आदान प्रदान से व्यापार होता था और दूसरा मुद्रा के प्रचलन के बाद जबकि व्यापार का आधार मुद्राओं से लेन देन से होने लगा। जब मुद्राओं का प्रचलन शुरु नहीं हुआ था तब भी समाज में यदि किसी का घर किसी आपदा में नष्ट हो जाता तो गांव सामाज के लोग मिल कर उस नुकसान की भरपाई कर देते। हमारे समाज में अब भी इस तरह का प्रचलन है। आधुनिक रुप में Insurance का इतिहास युरोप से माना जाता है जब व्यापारी समुद्र के रास्ते से अपना माल दूसरे देशों को भेजने लगे। व्यापारियों को तूफान और समुद्री डाकुओं से अपने सामान को बचाना होता था।
Main Insurance Companies बीमा क्षेत्र के मुख्य खिलाड़ी
भारत में मुख्य Insurance कम्पनियां हैं
- लाईफ इंश्योरैंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया यानि LIC
- टाटा एआईजी जनरल इंश्योरैंस
- बजाज एलियांज़ जनरल इंश्योरैंस
- न्यू ईंडिया इंश्योरैंस
- ICICI प्रुडेंशल लाईफ इंश्योरैंस
- इफको टोकियो जनरल इंश्योरैंस
- ICICI लोंबार्ड जनरल इंश्योरैंस
- ओरियंटल इंश्योरैंस
- बिरला सन लाईफ इंश्योरैंस
- HDFC लाईफ इंश्योरैंस
यहां आप भारत की बीमा कंपनियों की सूची और उनके वेब लिंक हमारी साइट पर देख सकते हैं।
जीवन बीमा और साधारण बीमा
इसके बाद अगला सवाल है यह है कि Insuarance कितने प्रकार के होते हैं। मुख्य रूप से दो तरह के इंश्योरैंस होते हैं जीवन बीमा और साधारण बीमा। जीवन बीमा व्यक्ति के जीवन का इंश्योरैंस होता है जिसमें अवधी पूरी होने पर बीमाधारक को सम एश्योर का बोनस सहित भुगतान किया जाता है और यदि बीमाधारक की मृत्यू हो जाती है तो नामित व्यक्ति को सम एश्योर का भुगतान किया जाता है। साधारण बीमा वस्तुओं का इंश्योरैंस होता है जिसमें वास्तुओं के चोरी, खराब या किसी दुर्घटना में हानी होने पर हुए वित्तीय नुकसान की भरपाई की जाती है।
साधारण बीमा के प्रकार
भारत में General Insurance के प्रचलित प्रकार हैं
- हेल्थ इंश्योरेंस
- कार
- ट्रेवेल
- दुपहिया
- गृह
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भारत सरकार द्वारा चलायी जा रही विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्यबीमा योजना है जिसमें 50 करोड़ लोगों के लिये फ्री इलाज की व्यवस्था है। साथ ही पढ़ें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना विस्तार से।
जीवन बीमा के प्रकार
- जीवन बीमा के प्रचलित प्रकार हैं
- टर्म इंश्योरैंस
- एंडोमेंट इंश्योरैंस
- मनी बैक इंश्योरैंस
- यूलिप
- की मैन इंश्योरेंस
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना गरीबों के लिये कम प्रीमियम पर सरकार द्वारा चलायी जा रही टर्म इन्शौरेंस पॉलिसी है।
सुरक्षा के लिए ज़रूरी
चाहे Life Insurance हो या साधाराण इंश्योरैंस, हमें अचानक होने वाली दुर्घटनाओं और उनसे होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई में सहयोग करते हैं। जीवन में इंश्योरैंस की आवश्यकता महसूस करने के कई कारण हैं। यह देखते हुए कि जीवन अनिश्चितताओं से भरा है, यह वास्तव में महत्वपूर्ण है कि आप जितनी जल्दी हो सके इंश्योरैंस खरीद लें ताकि आप और आपके परिवार को किसी भी संभावित नुकसान से बचाया जा सके। इंश्योरैंस न केवल आपको संरक्षित रखता है, यह आपको मानसिक शांति भी प्रदान करता है। इंश्योरैंस वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जिनके लिए इंश्योरैंस पॉलिसी में मिली मैच्योरिटी की रकम रिटायर्मेंट के बाद के खर्चों का ख्याल रखने के काम आती है।
निवेश के लक्ष्यों के लिये
इसके अलावा, आप अपने निवेश लक्ष्यों को पूरा करने और आरामदायक सेवानिवृत्ति के लिए योजना बनाने के लिए इन इंश्योरैंस पॉलिसी का उपयोग कर सकते हैं। सबसे ऊपर, इंश्योरैंस पॉलिसी न केवल आपकी देखभाल करेंगी बल्कि यदि आप ना भी हों तो भी वे अलग-अलग जरूरतों के भुगतान के लिए अपके करीबी और प्रियजनों का ख्याल रखेगी।
महिलाओं के लिये भी जरुरी
आज के समय में जब महिलायें भी घर के खर्च में अपना पूर्ण योगदान दे रहीं हैं तो उन्हें भी अपने लिये लाईफ इंश्योरैंस जरुर लेना चाहिये। महिलाओं के लिए जीवन बीमा पर इसके सभी पहलुओं के बारे में पढ़ें।
प्रीमियम का निर्धारण
लाईफ इंश्योरैंस में प्रीमियम का निर्धारण इंश्योरैंस लेने वाले की आयू, लिंग, स्वास्थ और अन्य कई कारकों पर आधारित होता है। यहां विस्तार से पढ़ें कि जीवन बीमा में प्रीमियम का निर्धारण कैसे होता है।
कैसे लें जीवन बीमा
मुझे Insurance लेना चाहिये या नहीं, कौन सा Insurance लें, कितना लाईफ कवर लें यह सब समझने के लिये पढ़िये जीवन बीमा कैसे खरीदें और जीवन बीमा लेने से पहले जानने योग्य बातें। इंश्योरैंस लेने से पहले अपने एजेंट को भी जांच लें और बीमा एजेंट कैसा हो यह भी समझ लें।
सम एश्योर्ड
बीमा लेते समय सम एश्योर्ड कितना हो इसका भी ध्यान रखें। सम एश्योर्ड इतना कम नहीं होना चाहिये कि बीमा का फायदा पूरा ना मिल सके और यह आवश्यकता से अधिक भी नहीं होना चाहिये। विस्तार से सम एश्योर्ड की गणना और अन्य जानकारियां पढ़ें।
नॉमिनेशन
जब भी कोई जीवन बीमा लेता है तो उसे इसके लिये किसी का नॉमिनेशन करना होता है जिसे कि बीमाधारक की मृत्यू होने पर बीमा क्लेम की राशि दी जा सके। अपने नामित व्यक्ति का चुनाव सोच समझ कर करना चाहिये और समय रहने पर यदि आवश्यक हुआ तो उसमें बदलाव भी किया जाना चाहिये। विस्तार से पढ़ें किस का नाम नॉमिनेशन में भरें और इसे भरते समय किन बातों का ध्यान रखें।
जीवन बीमा का क्लेम
जब इंश्योरैंस मैच्योर हो जाए या बीमाधारक की मृत्यू हो जाये तो बीमा राशी का क्लेम किया जाता है। यहां हमने जीवन बीमा का क्लेम कैसे लें इसे विस्तार से समझाया है।
टैक्स में छूट
आप अधिकतम राशि 1,50,000 रुपये तक देय जीवनबीमा प्रीमियम पर धारा 80 सी, 80 सीसी और 80 सीसीई के तहत इनकम टैक्स से छूट प्राप्त कर सकते हैं। आयकर की धारा 80डी के आंतर्गत 15000 रुपये तक देय हेल्थ इंश्योरैंस के प्रीमियम पर छूट मिलती है। सीनियर सिटिजन के लिये यह सीमा 20000 रुपये है।
यह थी Insurance In Hindi यानी इंश्योरैंस क्या है यह बताने और इंश्योरैंस से जुडे तमाम पहलुओं को आसान हिंदी में समझने की हमारी कोशिश।