बैंक क्या है और बैंकों के प्रकार आसान हिंदी में। बैंक क्या होते हैं, इनकी संरचना कैसी होती है, इनके क्या काम होते हैं और यह कितने प्रकार के होते हैं। अलग अलग तरह के बैंकों के काम क्या होते हैं और कुछ प्रमुख बैंकों के नाम। बैंक की जानकारी और बैंकों के प्रकार सब जानिये और समझिये आसान हिंदी में यहां विस्तार से।

बैंक की परिभाषा
बैंकिंग ऋण देने या निवेश के उद्देश्य के लिये जनता से धन या जमा राशि स्वीकार करने को कहते हैं जिसे मांग पर दिया जा सके या चेक, ड्राफ्ट, आदेश या अन्य तरीकों द्वारा वापस लिया जा सके।यह परिभाषा भारतीय बैंकिंग विनियमन अधिनियम (1949) में दी गई है। इस परिभाषा से हम कह सकते हैं कि बैंक जमा स्विकार करते हैं जिन्हें चेक अथवा अन्य तरीकों से निकलवा सकते हैं और बैंक इन जमा को ऋण देने के लिए प्रयोग करते हैं। बैंक के रूप में पहचाने जाने के लिए संस्था को जमा राशि का उपयोग आम जनता को ऋण देने के लिए करना होता है।
- Bank = पैसा जमा करो + जरूरत पर loan लो
- Bank का मुख्य काम deposits लेना और loans देना होता है
Bank एक financial institution है जो लोगों का पैसा सुरक्षित रखता है और financial services देता है।
Banks economy में बहुत important role निभाते हैं क्योंकि ये savings को loans में convert करते हैं।
बैंक का शाब्दिक अर्थ
Bank का शाब्दिक अर्थ है तट या किनारा। अंग्रेजी में नदी, सरोवर या समुद्र के किनारे को Bank कहते हैं। Bank का एक अर्थ निर्भर या आश्रित भी होता है। शायद इसी से बैंक का नाम पड़ा होगा क्योंकि हम अपने पैसे की सुरक्षा के लिये इस पर निर्भर रह सकते हैं। तो आप समझ सकते हैं कि बैंक शब्द विश्वास औेर भरोसे का भी प्रतीक है।
अधिकांश देशों में बैंकों को सख्त नियमन के तहत रखा जाता है। भारत में, भारतीय रिजर्व बैंक शीर्ष बैंकिंग संस्थान है जो देश में मौद्रिक नीति को नियंत्रित करता है। मौजूदा बैंकों में भारतीय स्टेट बैंक देश का सबसे पुराना बैंक है।
Bank (Meaning, Functions & Features Table)
| Parameter | Bank (बैंक) |
|---|---|
| Meaning | Bank एक financial institution है जो लोगों का पैसा जमा करता है और जरूरत पड़ने पर loan देता है |
| Definition | ऐसी संस्था जो deposits accept करती है और loans provide करती है |
| Main Function | Deposits लेना और loans देना |
| Other Functions | Money transfer, payment services, ATM, cheque, UPI आदि |
| Types of Accounts | Savings, Current, Fixed Deposit, Recurring Deposit |
| Income Source | Loans पर interest और service charges |
| Safety | Depositors का पैसा सुरक्षित रखा जाता है |
| Regulation | India में RBI (Reserve Bank of India) regulate करता है |
| Role in Economy | Saving को investment में बदलना और economy को growth देना |
| Customers | Individuals, businesses, government |
| Example | SBI, HDFC Bank, ICICI Bank आदि |
बैंकों के प्रकार
आगे आपको बताते हैं बैंकों के प्रकार। बैंकों को अनुसूचित यानि शेड्यूल्ड और गैर-अनुसूचित यानि नॉन शेड्यूल्ड बैंकों में वर्गीकृत किया जा सकता है। अनुसूचित बैंकों को आगे वाणिज्यिक बैंकों और सहकारी बैंकों में वर्गीकृत किया जा सकता है।
अनुसूचित बैंक
- वाणिज्यिक बैंक
- सहकारी बैंक
वाणिज्यिक बैंक
- सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक
- निजी क्षेत्र के बैंक
- विदेशी बैंक
- क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
- पेमेंट बैंक
सहकारी बैंक
- शहरी सहकारी बैंक
- ग्रामीण सहकारी बैंक
पेमेंट बैंक
वाणिज्यिक बैंकों को आगे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, निजी क्षेत्र के बैंकों, विदेशी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) में वर्गीकृत किया जा सकता है। दूसरी ओर, सहकारी बैंकों को शहरी और ग्रामीण में वर्गीकृत किया गया है। इनके अलावा एक वर्ग भुगतान बैंक यानि पेमैंट बैंक का है।
वाणिज्यिक बैंक
वाणिज्यिक बैंक बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत आते हैं और उनका मुख्य व्यापारिक उद्देश्य लाभ कमाना है। उनका प्राथमिक कार्य जमा को स्वीकार करना और आम जनता, व्यवसायी और कॉर्पोरेट्स को ऋण देना है। वाणिज्यिक बैंकों को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, निजी क्षेत्र के बैंकों, विदेशी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) में वर्गीकृत किया जा सकता है। यहां पढ़ें बैंक में छुट्टियों की लिस्ट।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की पूंजी में बहुमत की हिस्सेदारी सरकार के पास होती है। कुछ प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक हैं भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक और बैंक ऑफ बड़ोदा।
निजी क्षेत्र के बैंक
निजी क्षेत्र के बैंकों में वे बैंक शामिल हैं जिनकी प्रमुख हिस्सेदारी या इक्विटी निजी शेयरधारकों के पास है। RBI द्वारा निर्धारित सभी बैंकिंग नियम और कानून निजी क्षेत्र के बैंकों पर भी लागू होते हैं। कुछ प्रमुख निजी क्षेत्र के बैंक हैं ICICI बैंक, HDFC बैंक और एक्सिस बैंक। यहां पढ़ें भारत में सभी बैंकों के नाम हमारी साइट पर।
विदेशी बैंक
विदेशी बैंक वह है जिसका मुख्यालय किसी अनय देश में है, लेकिन भारत में एक निजी बैंक के रूप में काम करता है। ये बैंक अपने देश के साथ-साथ RBI द्वारा निर्धारित सभी बैंकिंग नियम और कानूनों का पालन करने के लिये बाध्य है। सिटी बैंक, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक और एचएसबीसी भारत में काम करने वाले कुछ प्रमुख विदेशी बैंक हैं।
बैंकों के कार्य
यहां संक्षेप में बैंकों के कार्यों के बारे में बता रहे हैं:
- पर्सनल बैंकिंग या रिटेल बैंकिंग
- कॉर्पोरेट बैंकिंग
- इन्वेस्टमेंट बैंकिंग
- प्राइवेट बैंकिंग
- ट्रांज़ेक्शन बैंकिंग
- इंश्योरेंस
- फॉरेन एक्सचेंज ट्रेडिंग
- शेयर मार्केट ट्रेडिंग
- मनी मार्केट ट्रेडिंग
बैंकिंग की सुविधा
वह दिन गए जब बैंकिंग केवल बैंक की ब्रांच में जा कर ही कर सकते थे। तकनीक ने हमें बैंकिंग के लिए कई विकल्प दिए हैं:
- ब्रांच में जा कर
- ATM पर
- मोबाइल बैंकिंग
- ऑनलाइन बैंकिंग
- टेलिफोन बैंकिंग
बैंक कैसे कमाते हैं
बैंक आमतौर पर ब्याज, काई तरह के शुल्कों और कमीशन के रूप में कमाई करते हैं। इनकी कमाई का अधिकतर हिस्सा ग्राहकों को कई तरह से दिए गए लोन पर मिलने वाले ब्याज से आता है। बैंक ग्राहकों को जमा पर जो ब्याज देते हैं और लोन पर जो ब्याज लेते हैं उसके अंतर से ही कमाई करते हैं।
बैंकिंग सेवाएं
- सेविंग अकाउंट
- रिकरिंग अकाउंट
- फिक्स्ड डिपॉजिट
- क्रेडिट कार्ड
- डेबिट कार्ड
- पर्सनल लोन
- NEFT
- ATM
- चेक बुक
भारत के टॉप बैंक
भारत के कुछ टॉप बैंक हैं
- भारतीय स्टेट बैंक
- HDFC Bank
- ICICI Bank
- पंजाब नेशनल बैंक
- बैंक ऑफ बड़ोदा
- केनरा बैंक
- यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
- एक्सिस बैंक
- IDBI Bank
पेमेंट बैंक
पेमेंट बैंक भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा परिकल्पित बैंकों का एक नया मॉडल है। ये बैंक प्रतिबंधित जमा को स्वीकार कर सकते हैं, जो वर्तमान में प्रति ग्राहक ₹100,000 तक सीमित है मगर इसे और बढ़ाया जा सकता है। ये बैंक ऋण जारी नहीं कर सकते। पेमेंट बैंक एटीएम कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट-बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी सेवाएं देते हैं। भारती एयरटेल ने भारत का पहला लाइव भुगतान बैंक स्थापित किया। कुछ प्रमुख पेमेंट बैंक हैं इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक, एयरटेल और पेटीएम।